बाहुबली बृजभूषण के गढ़ से सीएम योगी का चुनावी शंखनाद! विकास की सौगात के साथ दंगाइयों को दी चेतावनी, बोले- रंग में भंग डालने वालों का भविष्य भी स्वाहा होगा
क्या गोंडा अब सिर्फ विकास की कहानी है या 2027 की सियासी लड़ाई का नया केंद्र बन चुका है? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा की धरती से विकास, कानून व्यवस्था और हिंदुत्व, तीनों मुद्दों पर ऐसा संदेश दिया, जिसकी गूंज आने वाले विधानसभा चुनाव तक सुनाई दे सकती है। 516 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बीच योगी ने जहां विपक्ष पर निशाना साधा, वहीं दंगाइयों को खुली चेतावनी भी दी। आखिर क्यों गोंडा को लेकर इतना आक्रामक दिखे मुख्यमंत्री? और उनके भाषण में छिपे क्या हैं 2027 के राजनीतिक संकेत?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव भले अभी डेढ़ साल दूर हों, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा की धरती से ऐसा संदेश दिया है, जिसे 2027 विधानसभा चुनाव की शुरुआती रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। 516 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे योगी ने अपने भाषण में विकास, कानून व्यवस्था, हिंदुत्व और विपक्ष की राजनीति, चारों मुद्दों को एक साथ साधने की कोशिश की। करनैलगंज विधानसभा के चकरौत गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गोंडा दंगों, अराजकता और पिछड़ेपन की पहचान बन गया था, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब प्रदेश में कोई दंगाई आंख उठाकर देखने की भी हिम्मत नहीं कर सकता।
"रंग में भंग डालने वालों का भविष्य भी खत्म हो जाएगा"
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान 2015-16 के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय गोंडा में दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों में भी बाधाएं खड़ी की जाती थीं। प्रतिमा विसर्जन तक विवाद का विषय बन जाता था और दंगों का माहौल पैदा किया जाता था। योगी ने कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है। प्रदेश में कोई भी व्यक्ति अगर त्योहारों या धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डालने की कोशिश करेगा, तो उसका सिर्फ वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य भी समाप्त हो जाएगा। मुख्यमंत्री का यह बयान कार्यक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा रहा।
गोंडा के बहाने विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले विकास कुछ खास इलाकों तक सीमित था और पूरा सरकारी तंत्र सिर्फ एक गांव के इर्द-गिर्द घूमता था। योगी ने कहा कि पहले मेडिकल कॉलेज, सड़कें और बड़े प्रोजेक्ट केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रहते थे, लेकिन अब गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बस्ती और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में भी बड़े विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश का कोई भी जिला ऐसा नहीं बचा, जहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण न हो रहा हो या उसकी योजना न बनाई गई हो।
अयोध्या का जिक्र कर दिया बड़ा राजनीतिक संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में अयोध्या और राम मंदिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब रामभक्तों को अयोध्या आने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज भव्य राम मंदिर दुनिया के सामने खड़ा है। योगी ने कहा कि अब अयोध्या की पहचान बदल चुकी है और यह नया भारत तथा नई उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राम मंदिर का मुद्दा भाजपा के लिए 2027 चुनाव में भी प्रमुख एजेंडा बन सकता है और गोंडा से दिया गया यह संदेश उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
"गोंडा का नाम सुनकर लोग दूरी बनाते थे"
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी गोंडा की पहचान पिछड़ेपन और अपराध से होती थी। बाहर के लोग जिले का नाम सुनकर दूरी बनाने लगते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश निवेश, कानून व्यवस्था और विकास की वजह से नई पहचान बना रहा है। जो लोग पहले दूरी बनाते थे, वे अब प्रदेश में निवेश और साझेदारी के लिए आगे आ रहे हैं। योगी ने कहा कि अयोध्या के पड़ोसी जिले होने का लाभ भी गोंडा को मिल रहा है और आने वाले वर्षों में यह जिला विकास के नए केंद्र के रूप में उभरेगा।
सरकारी नौकरियों और निवेश का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई यूपी पुलिस भर्ती में गोंडा, बलरामपुर और बहराइच के हजारों युवाओं को नौकरी मिली है। उन्होंने दावा किया कि अब सरकारी योजनाओं और नौकरियों में जाति, धर्म या वर्ग नहीं, बल्कि पात्रता को महत्व दिया जा रहा है। योगी ने कहा कि निवेश अब केवल नोएडा और गाजियाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वांचल और तराई के जिलों तक पहुंच रहा है।
516 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को रफ्तार
गोंडा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 516 करोड़ रुपये की 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र में 255 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की गई, जबकि करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र को भी 259 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं की सौगात मिली।
50 हजार लोगों की मौजूदगी, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने का दावा किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर देवीपाटन मंडल के चार जिलों से पुलिस बल बुलाया गया था। ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे कार्यक्रम स्थल की निगरानी की गई और सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी गई।
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