12 साल पहले जिस मां को मान लिया था मृत... अचानक वीडियो कॉल पर मिली जिंदा , बेटों की आंखों से छलक पड़े आंसू
Uttar Pradesh News: बिजनौर की राजो देवी 12 साल पहले लापता हो गई थीं। परिवार ने उन्हें मृत मानकर सभी क्रियाकर्म भी कर दिए थे। लेकिन हरियाणा के एक आश्रम से मिली सूचना के बाद वीडियो कॉल पर मां को जिंदा देखकर बेटे भावुक हो गए और पूरा परिवार खुशी से भर उठा।
Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है। शहजादपुर गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला राजो देवी करीब 12 साल पहले अचानक लापता हो गई थीं। परिवार ने उन्हें ढूंढ़ने के लिए गांव, शहर और रिश्तेदारों तक हर जगह तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। समय बीतता गया और आखिरकार परिजनों ने यह मान लिया कि वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। परिवार ने उन्हें मृत मानकर सभी जरूरी धार्मिक क्रियाकर्म भी पूरे कर दिए थे। लेकिन 12 साल बाद एक वीडियो कॉल ने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी।
2014 में घर से निकलीं थी महिला
परिजनों के अनुसार, राजो देवी वर्ष 2014 में अचानक घर से कहीं चली गई थीं। उस समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। कई साल तक परिवार इस उम्मीद में रहा कि शायद वह वापस लौट आएंगी, लेकिन जब कोई खबर नहीं मिली तो उन्होंने उन्हें मृत मान लिया। हर त्योहार और पारिवारिक कार्यक्रम में बेटों को अपनी मां की कमी महसूस होती रही। घर में लगी उनकी तस्वीर ही उनकी यादों का सहारा बन गई थी।
हरियाणा के आश्रम में मिलीं राजो देवी
इस कहानी में बड़ा मोड़ 4 मई 2026 को आया। हरियाणा के अंबाला में पुलिस को एक बुजुर्ग महिला लावारिस हालत में मिली। महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह अपनी पहचान भी नहीं बता पा रही थीं। पुलिस ने उन्हें यमुनानगर के सरस्वती नगर स्थित "नी आसरे दा आसरा" आश्रम में भेज दिया। आश्रम में इलाज और काउंसलिंग के दौरान उनकी हालत में सुधार हुआ। धीरे-धीरे उनकी याददाश्त लौटने लगी और उन्होंने अपने परिवार से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां बताईं।
वीडियो कॉल पर मां को देखकर रो पड़े बेटे
राजो देवी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आश्रम प्रबंधन ने गांव के प्रधान की मदद से उनके परिवार का पता लगाया। इसके बाद वीडियो कॉल कराई गई। जैसे ही बेटों कपिल, सोनू और रोहित ने स्क्रीन पर अपनी मां को देखा, वे कुछ क्षणों के लिए स्तब्ध रह गए। जिस मां को वे 12 साल पहले खो चुके थे और मृत मान चुके थे, वह उनके सामने जिंदा थीं। बेटों की आंखों से आंसू निकल पड़े और पूरा परिवार भावुक हो गया। इसके बाद वे तुरंत हरियाणा पहुंचे और मां से मिले।
मां-बेटों का मिलन देख नम हो गईं आंखें
आश्रम में वर्षों बाद मां और बेटों का मिलन बेहद भावुक रहा। राजो देवी भी अपने बच्चों को सामने देखकर भावुक हो गईं। खुशी के आंसू उनकी आंखों से बह निकले। बेटे मां को गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगे। आश्रम संचालक जसकीरत सिंह ने बताया कि महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पूरी जांच और सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई। सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद राजो देवी को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों को भावुक कर रही है।
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