औरैया में 254 शिक्षकों के दस्तावेजों की दोबारा होगी जांच, फर्जी डिग्री के शक में शिक्षा विभाग में हलचल
औरैया जिले में फर्जी डिग्री के शक में 254 शिक्षकों के दस्तावेजों की दोबारा जांच की तैयारी शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग अब सभी प्रमाणपत्रों की गहन पड़ताल करेगा।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में आ गया है। संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में जिले के 254 शिक्षकों की डिग्री और प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से पत्र जारी होने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश भर में बेसिक स्कूलों में नियुक्त सहायक शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिसके तहत अब औरैया जिले के इन शिक्षकों के रिकॉर्ड भी दोबारा खंगाले जाएंगे।
पहले भी हो चुकी है एसआईटी जांच
इससे पहले वर्ष 2017 में भी अदालत के आदेश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जिले में शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच की थी। उस जांच के दौरान सात शिक्षकों की बीएड डिग्री फर्जी पाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया था कि उनकी मार्कशीट में छेड़छाड़ की गई थी। मामले की पुष्टि होने के बाद उन शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उसी जांच के दौरान जिले के कुल 254 शिक्षकों के दस्तावेजों को संदिग्ध मानते हुए उनकी सूची तैयार की गई थी। अब एक बार फिर उन्हीं शिक्षकों के दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाएगी।
सभी प्रमाणपत्रों की होगी बारीकी से जांच
नई जांच प्रक्रिया में शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके साथ ही दिव्यांग प्रमाणपत्रों की भी जांच होगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र तो नहीं लगाया। विभाग को निर्देश दिया गया है कि संदिग्ध शिक्षकों की विस्तृत सूची तैयार कर शासन को भेजी जाए। इस सूची में शिक्षक का नाम, नियुक्ति की तारीख, संदिग्ध दस्तावेज का विवरण, प्रमाणपत्र जारी करने वाली संस्था और अब तक की गई विभागीय कार्रवाई का पूरा ब्योरा शामिल किया जाएगा।
संस्थानों और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में कुछ शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की संभावित मिलीभगत या लापरवाही की भी जांच की बात सामने आई है। माना जा रहा है कि यदि जांच में अनियमितताएं साबित होती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बताया जा रहा है कि यह मामला पहले भी सामने आया था, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में चला गया था। अब कोर्ट के निर्देश के बाद विभागीय कार्रवाई फिर से तेज हो गई है। संभावना है कि इस बार जांच प्रदेश स्तर पर कराई जाएगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। वर्ष 2020 में भी जिले में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने वाले चार शिक्षकों का मामला सामने आया था। इनमें अछल्दा ब्लॉक के एक शिक्षक और एरवाकटरा ब्लॉक के तीन शिक्षकों के खिलाफ तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा वर्ष 2021 में अजीतमल क्षेत्र के ऊंचा गांव स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक को भी एसआईटी जांच के दौरान अपने अभिलेख प्रस्तुत न कर पाने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
आदेश का इंतजार, जल्द शुरू होगी कार्रवाई
इस मामले में औरैया के बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल उन्हें शासन के आदेश का इंतजार है। आदेश मिलने के बाद संदिग्ध शिक्षकों की सूची तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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