औरैया में 254 शिक्षकों के दस्तावेजों की दोबारा होगी जांच, फर्जी डिग्री के शक में शिक्षा विभाग में हलचल

औरैया जिले में फर्जी डिग्री के शक में 254 शिक्षकों के दस्तावेजों की दोबारा जांच की तैयारी शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग अब सभी प्रमाणपत्रों की गहन पड़ताल करेगा।

Mar 9, 2026 - 12:49
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औरैया में 254 शिक्षकों के दस्तावेजों की दोबारा होगी जांच, फर्जी डिग्री के शक में शिक्षा विभाग में हलचल

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में आ गया है। संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में जिले के 254 शिक्षकों की डिग्री और प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से पत्र जारी होने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश भर में बेसिक स्कूलों में नियुक्त सहायक शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिसके तहत अब औरैया जिले के इन शिक्षकों के रिकॉर्ड भी दोबारा खंगाले जाएंगे।

पहले भी हो चुकी है एसआईटी जांच
इससे पहले वर्ष 2017 में भी अदालत के आदेश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जिले में शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच की थी। उस जांच के दौरान सात शिक्षकों की बीएड डिग्री फर्जी पाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया था कि उनकी मार्कशीट में छेड़छाड़ की गई थी। मामले की पुष्टि होने के बाद उन शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उसी जांच के दौरान जिले के कुल 254 शिक्षकों के दस्तावेजों को संदिग्ध मानते हुए उनकी सूची तैयार की गई थी। अब एक बार फिर उन्हीं शिक्षकों के दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाएगी।

सभी प्रमाणपत्रों की होगी बारीकी से जांच
नई जांच प्रक्रिया में शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके साथ ही दिव्यांग प्रमाणपत्रों की भी जांच होगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र तो नहीं लगाया। विभाग को निर्देश दिया गया है कि संदिग्ध शिक्षकों की विस्तृत सूची तैयार कर शासन को भेजी जाए। इस सूची में शिक्षक का नाम, नियुक्ति की तारीख, संदिग्ध दस्तावेज का विवरण, प्रमाणपत्र जारी करने वाली संस्था और अब तक की गई विभागीय कार्रवाई का पूरा ब्योरा शामिल किया जाएगा।

संस्थानों और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में कुछ शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की संभावित मिलीभगत या लापरवाही की भी जांच की बात सामने आई है। माना जा रहा है कि यदि जांच में अनियमितताएं साबित होती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बताया जा रहा है कि यह मामला पहले भी सामने आया था, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में चला गया था। अब कोर्ट के निर्देश के बाद विभागीय कार्रवाई फिर से तेज हो गई है। संभावना है कि इस बार जांच प्रदेश स्तर पर कराई जाएगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। वर्ष 2020 में भी जिले में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने वाले चार शिक्षकों का मामला सामने आया था। इनमें अछल्दा ब्लॉक के एक शिक्षक और एरवाकटरा ब्लॉक के तीन शिक्षकों के खिलाफ तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा वर्ष 2021 में अजीतमल क्षेत्र के ऊंचा गांव स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक को भी एसआईटी जांच के दौरान अपने अभिलेख प्रस्तुत न कर पाने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

आदेश का इंतजार, जल्द शुरू होगी कार्रवाई
इस मामले में औरैया के बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल उन्हें शासन के आदेश का इंतजार है। आदेश मिलने के बाद संदिग्ध शिक्षकों की सूची तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।