26 अप्रैल को वाराणसी में शक्ति प्रदर्शन… राजभर और निषाद की जनसभा से गरमाई यूपी की सियासत, जानें क्या है बड़ा प्लान?

Uttar Pradesh News: वाराणसी में 26 अप्रैल को निषाद पार्टी और सुभासपा अपनी-अपनी जनसभाओं के जरिए शक्ति प्रदर्शन करेंगी। दोनों दल अपने समाज के मुद्दों को उठाकर राजनीतिक ताकत दिखाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि इससे 2027 चुनाव के लिए गठबंधन और सीटों की रणनीति तय होगी।

Apr 13, 2026 - 16:08
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26 अप्रैल को वाराणसी में शक्ति प्रदर्शन… राजभर और निषाद की जनसभा से गरमाई यूपी की सियासत, जानें क्या है बड़ा प्लान?

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में 26 अप्रैल को वाराणसी में निषाद पार्टी और सुभासपा अपने-अपने स्तर पर शक्ति प्रदर्शन करने जा रही हैं। दोनों दल एक ही दिन अलग-अलग स्थानों पर बड़ी जनसभाएं करेंगे। निषाद पार्टी कटिंग मेमोरियल में सभा करेगी, जबकि सुभासपा के नेता ओमप्रकाश राजभर पिंडरा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में जनसभा करेंगे। इन सभाओं को लेकर दोनों दलों ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है और कार्यकर्ताओं को जुटाने का काम तेजी से चल रहा है।

निषाद पार्टी का फोकस समाज के मुद्दों पर
निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ. संजय निषाद इस जनसभा की तैयारी के लिए वाराणसी में कैंप कर रहे हैं। वे पूर्वांचल के सभी जिलों से कार्यकर्ताओं को जोड़ने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि पहले अंग्रेजों, फिर कांग्रेस, और बाद में बसपा व सपा ने निषाद समाज के अधिकार छीने और उन्हें गरीबी में धकेला। उन्होंने कहा कि अब उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है। इस जनसभा में एससी आरक्षण सहित कई अहम मुद्दे उठाए जाएंगे।

सुभासपा भी उसी दिन करेगी बड़ा आयोजन
इसी दिन सुभासपा भी अपनी ताकत दिखाने के लिए जनसभा करेगी। पहले यह कार्यक्रम 19 अप्रैल को होना था, लेकिन बाद में तारीख बदलकर 26 अप्रैल कर दी गई। सुभासपा के जिलाध्यक्ष उमेश राजभर ने बताया कि वाराणसी से ही एसटी आरक्षण का मुद्दा उठाया गया था, इसलिए इस जगह को चुना गया। उन्होंने कहा कि हजारों कार्यकर्ता इस जनसभा में शामिल होंगे और इसे ऐतिहासिक बनाया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में रणनीति
राजनीतिक विश्लेषक विजय नारायण का कहना है कि छोटे दलों के लिए अपनी ताकत दिखाना जरूरी होता है। अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो बड़े दल उन्हें नजरअंदाज कर देंगे। उनके अनुसार, यूपी और बिहार में यही राजनीति का तरीका है, जहां चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन जरूरी हो जाता है।

ताकत के आधार पर होगी सीटों की बातचीत
विश्लेषकों का मानना है कि इन जनसभाओं के जरिए ही आगे सीटों की बातचीत होगी। वाराणसी में ताकत दिखाने से दिल्ली में भी इसकी चर्चा होगी और 2027 के चुनावी गठबंधन की दिशा तय होगी। इन सभाओं में जातीय और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी, जिससे अपने समाज को मजबूत संदेश दिया जा सके।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।