भारत के इन मंदिरों से भूलकर भी घर न लाएं प्रसाद, माना जाता है बड़ा अपशकुन

भारत में कई मंदिर ऐसे हैं जहां प्रसाद खाना या घर ले जाना शुभ नहीं माना जाता। मेहंदीपुर बालाजी, काल भैरव, नैना देवी, कामाख्या और कोटिलिंगेश्वर जैसे मंदिरों में अलग-अलग मान्यताएं हैं। इन नियमों के पीछे धार्मिक कारण और परंपराएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें भक्त आज भी मानते हैं।

Apr 12, 2026 - 09:31
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भारत के इन मंदिरों से भूलकर भी घर न लाएं प्रसाद, माना जाता है बड़ा अपशकुन

India mysterious Temples: भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है। यहां हर राज्य और गांव में कोई न कोई मंदिर जरूर होता है, जो अपनी खास मान्यताओं और परंपराओं के लिए जाना जाता है। आमतौर पर मंदिरों में भक्त भगवान के दर्शन करते हैं और प्रसाद चढ़ाते हैं। इसके बाद पुजारी द्वारा दिया गया प्रसाद ग्रहण किया जाता है और लोग उसे अपने घर भी ले जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, प्रसाद ग्रहण करना बहुत शुभ माना जाता है और इससे भगवान का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन देश में कुछ मंदिर ऐसे भी हैं, जहां प्रसाद को छूना, खाना या घर ले जाना अशुभ माना जाता है।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की खास मान्यता
राजस्थान में स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर बुरी आत्माओं और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर बजरंगबली को समर्पित है। यहां भगवान को बूंदी के लड्डू का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि यहां का प्रसाद घर ले जाने से नकारात्मक शक्तियां साथ चली जाती हैं, इसलिए इसे न खाने और न घर ले जाने की परंपरा है।

काल भैरव मंदिर में अलग नियम
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित काल भैरव मंदिर में भैरव बाबा को शराब प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है। यह प्रसाद केवल भगवान के लिए माना जाता है। भक्त इसे घर नहीं ले जाते। मान्यता है कि जो इस नियम का पालन नहीं करता, उसके जीवन में बाधाएं और परेशानियां आ सकती हैं।

नैना देवी मंदिर की परंपरा
हिमाचल प्रदेश में स्थित नैना देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां देवी को चढ़ाया गया प्रसाद केवल मंदिर परिसर में ही खाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति इसे घर ले जाता है, तो इसे अशुभ माना जाता है और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

कामाख्या और कोटिलिंगेश्वर मंदिर के नियम
असम के गुवाहाटी में स्थित कामाख्या देवी मंदिर भी शक्तिपीठों में शामिल है। यहां देवी के मासिक धर्म के दौरान तीन दिनों तक मंदिर बंद रहता है और इस समय प्रसाद लेने की अनुमति नहीं होती। वहीं कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित कोटिलिंगेश्वर मंदिर में दिया गया प्रसाद प्रतीकात्मक रूप से स्वीकार किया जाता है, क्योंकि इसे चंडेश्वर को अर्पित किया जाता है। इसे खाना या घर ले जाना अशुभ माना जाता है। यहां एक करोड़ शिवलिंग मौजूद हैं, जो इस मंदिर को और खास बनाते हैं।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।