फ्लॉप से बने वर्ल्ड कप हीरो… 25 मिनट की कॉल के बाद बदल गई संजू सैमसन की किस्मत
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर संजू सैमसन ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने। उन्होंने अपनी फॉर्म में वापसी की पूरी कहानी भी साझा की।
Sanju Samson: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को उनके गृह राज्य केरल में जबरदस्त सम्मान मिला। सोमवार को जैसे ही वह तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पहुंचे, वहां मौजूद सैकड़ों फैंस ने संजू-संजू के नारों से उनका स्वागत किया। माहौल पूरी तरह जश्न में बदल गया था। केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी भी एयरपोर्ट पर मौजूद थे और उन्होंने सैमसन का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान संजू सैमसन ने मीडिया से बातचीत में अपनी शानदार वापसी के पीछे की कहानी भी बताई और खुलासा किया कि किस तरह उन्होंने अपनी खोई हुई फॉर्म वापस हासिल की।
खराब फॉर्म के बाद बनाया नया गेम प्लान
संजू सैमसन ने बताया कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज उनके लिए काफी खराब रही थी। उस सीरीज में वह पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए थे। सैमसन ने कहा कि उस समय वह हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश करते थे, लेकिन यह तरीका उनके लिए सफल नहीं रहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने उस सीरीज में स्ट्राइक रेट बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अच्छे नतीजे नहीं मिले। लगातार असफलताओं के बाद उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपनी सोच और खेलने के तरीके में बदलाव करना होगा। इसके बाद उन्होंने वर्ल्ड कप से पहले एक नया गेम प्लान तैयार किया, जो उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुआ और उसी की बदौलत वह टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर पाए।
मुश्किल समय में सचिन तेंदुलकर की सलाह बनी सहारा
संजू सैमसन ने अपने खराब दौर में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की सलाह को सबसे बड़ा सहारा बताया। उन्होंने कहा कि वह पिछले कुछ समय से सचिन तेंदुलकर के संपर्क में थे। आईपीएल के दौरान मुलाकातों के अलावा दोनों के बीच मैसेज के जरिए भी बातचीत होती रहती थी। जब उनकी फॉर्म सबसे खराब चल रही थी, तब उनके दिमाग में सबसे पहले सचिन का ही नाम आया। सैमसन ने उनसे संपर्क किया और करीब 25 मिनट तक दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। इस दौरान सचिन ने अपने करियर के मुश्किल समय, सोचने का तरीका, अभ्यास की अहमियत और दबाव से निपटने के अनुभव साझा किए। सैमसन ने कहा कि सचिन की सलाह ने उन्हें नई ऊर्जा और साफ सोच दी। खास बात यह रही कि फाइनल मैच से पहले भी उन्होंने सचिन से बात की थी।
सुपर 8 में मिला मौका और बन गए टीम के सबसे बड़े हीरो
टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में संजू सैमसन टीम इंडिया की पहली पसंद नहीं थे। खराब फॉर्म के कारण उन्हें ग्रुप स्टेज में सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला था। उस मैच में भी वह इसलिए खेल पाए क्योंकि अभिषेक शर्मा तबीयत खराब होने के कारण टीम का हिस्सा नहीं बन पाए थे। लेकिन सुपर 8 में टीम को अपना कॉम्बिनेशन बदलना पड़ा और सैमसन को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और शानदार बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों में कुल 321 रन बना दिए। सैमसन ने फाइनल मुकाबले में 89 रनों की बेहद अहम पारी खेली, जिसने भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। इससे पहले उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में भी अर्धशतक जड़ा था। इसके बाद सेमीफाइनल में भी उन्होंने शानदार अर्धशतक लगाया। लगातार तीन बड़े मैचों में दमदार प्रदर्शन के दम पर वह टीम इंडिया के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे और पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
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