4 मजदूरों की मौत मामले में पूर्व सपा विधायक अंसार अहमद पर लगेगा गैंगस्टर, प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसे के सभी 7 आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी, संपत्तियां की जाएंगी जब्त
प्रयागराज के चर्चित कोल्ड स्टोरेज हादसे में बड़ा मोड़ आया है। चार मजदूरों की मौत के मामले में सपा के पूर्व विधायक अंसार अहमद समेत सात आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी है। इसके साथ ही उनकी करोड़ों की संपत्तियों की जांच और कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
चार मजदूरों की जान लेने वाले प्रयागराज के चर्चित आदर्श कोल्ड स्टोरेज हादसे में अब पुलिस ने कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। हादसे के करीब तीन महीने बाद कमिश्नरेट पुलिस पूर्व विधायक अंसार अहमद समेत सात आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी में है। इसके साथ ही आरोपियों की उन संपत्तियों की भी जांच शुरू की जाएगी, जिनके बारे में आशंका है कि वे अपराध या अवैध कमाई से अर्जित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में ऐसे साक्ष्य मिलने पर संपत्तियों को कुर्क और जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
पूर्व विधायक समेत सात आरोपी रडार पर
कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल मुकदमा चलाने तक सीमित नहीं रहेगी। गैंगस्टर एक्ट लगने के बाद आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों की भी गहन जांच होगी। पुलिस बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और अन्य निवेशों का ब्यौरा जुटाएगी। यदि यह पाया जाता है कि संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से बनाई गई हैं, तो गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत उन्हें कुर्क किया जाएगा। गैंगस्टर एक्ट के तहत जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की गई है, उनमें आदर्श कोल्ड स्टोरेज के मालिक और समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद, उनके बेटे मंजूर, अलाउद्दीन, मोहम्मद जाबिर अली उर्फ जावेद, मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद इरफान और मोहम्मद असलम उर्फ बाबा शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ पहले से थाना फाफामऊ में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।
23 मार्च को हुआ था दर्दनाक हादसा
23 मार्च 2026 को प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के समय बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी अंदर मौजूद थे। मलबे में दबने से चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए थे। राहत और बचाव अभियान कई घंटों तक चला था और मलबा हटाने के लिए प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
पुलिस जांच में सामने आया कि कोल्ड स्टोरेज का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों के विपरीत किया जा रहा था। आरोप है कि अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से क्षमता से अधिक आलू का भंडारण किया गया, जिससे भवन पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। पुलिस का दावा है कि यही लापरवाही हादसे की प्रमुख वजह बनी, जिसमें चार मजदूरों की जान चली गई।
अब संपत्तियों पर भी चलेगा कानून का शिकंजा
गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रशासन आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेंगे। यदि जांच में यह साबित होता है कि संपत्तियां अपराध या अवैध कमाई से अर्जित की गई हैं, तो उन्हें कुर्क और जब्त किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और अपराध से अर्जित संपत्ति पर प्रहार करने की नीति के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित परिवारों को अब न्याय की उम्मीद
चार मजदूरों की मौत के बाद से पीड़ित परिवार लगातार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अब गैंगस्टर एक्ट की तैयारी और संपत्तियों की जांच शुरू होने से मामले में कानूनी कार्रवाई और तेज होती दिखाई दे रही है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
