मुख्तार अंसारी को पंजाब से लाने वाले पूर्व IPS ने छोड़ा बीजेपी का साथ, अब चंद्रशेखर के साथ शुरू की नई पारी, 2027 में लड़ सकते हैं चुनाव 

67 एनकाउंटर का नेतृत्व करने वाले, मुख्तार अंसारी को पंजाब से यूपी लाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व IPS प्रेम प्रकाश ने भाजपा छोड़कर चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का दामन थाम लिया है। कभी मायावती के करीबी अफसर रहे और बाद में भाजपा में शामिल हुए प्रेम प्रकाश अब 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। आखिर इस फैसले के पीछे क्या राजनीतिक संदेश छिपा है?

Jun 30, 2026 - 15:30
 0
मुख्तार अंसारी को पंजाब से लाने वाले पूर्व IPS ने छोड़ा बीजेपी का साथ, अब चंद्रशेखर के साथ शुरू की नई पारी, 2027 में लड़ सकते हैं चुनाव 

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार शाम एक ऐसा चेहरा नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करता दिखाई दिया, जिसने कभी वर्दी पहनकर प्रदेश के सबसे चर्चित अपराधियों के खिलाफ मोर्चा संभाला था। 67 एनकाउंटर का नेतृत्व करने वाले और माफिया मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल लाने की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर सांसद चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का दामन थाम लिया। पार्टी में शामिल होते ही प्रेम प्रकाश ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ सदस्यता तक सीमित फैसला नहीं है। उन्होंने ऐलान किया कि वे पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे और 2027 का विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगे। उनके इस फैसले को उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक तस्वीर के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

भाजपा में नहीं मिली राजनीतिक पहचान
31 दिसंबर 2022 को प्रयागराज में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद प्रेम प्रकाश ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थामा था। उस समय उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। हालांकि, भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता लगभग न के बराबर रही। पार्टी ने उन्हें कोई बड़ी संगठनात्मक या चुनावी जिम्मेदारी नहीं दी। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा थी कि प्रेम प्रकाश अपनी नई भूमिका को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। अब आजाद समाज पार्टी में शामिल होकर उन्होंने इस अटकल पर लगभग विराम लगा दिया है।

चंद्रशेखर की पार्टी को मिला बड़ा चेहरा
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) लगातार उत्तर प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करने में जुटी हुई है। ऐसे समय में पूर्व आईपीएस अधिकारी जैसे अनुभवी प्रशासनिक चेहरे का पार्टी में शामिल होना रणनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। प्रेम प्रकाश ने सदस्यता ग्रहण करने के बाद कहा कि वे सिर्फ चुनाव लड़ने नहीं आए हैं, बल्कि संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने के लिए पूरी सक्रियता से काम करेंगे। उनके 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान ने यह भी संकेत दिया है कि पार्टी उन्हें भविष्य की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है।

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से बनी पहचान
दिल्ली निवासी प्रेम प्रकाश 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग (बीटेक) की पढ़ाई करने के बाद पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर इन डिप्लोमा (MD) भी किया। अपने तीन दशक लंबे पुलिस करियर में उन्होंने मेरठ, आगरा, मुरादाबाद, कानपुर और लखनऊ जैसे संवेदनशील जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। 12 जुलाई 2009 को उन्होंने लखनऊ में डीआईजी/एसएसपी का कार्यभार संभाला। बाद में प्रयागराज में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के रूप में भी तैनात रहे। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लगातार ऑपरेशन चलाने की वजह से उन्हें पुलिस महकमे में 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' के तौर पर पहचान मिली।

67 एनकाउंटर और मुख्तार अंसारी केस से सुर्खियों में आए
प्रेम प्रकाश का नाम सबसे ज्यादा उस समय चर्चा में आया जब कानपुर जोन में उनकी अगुवाई में करीब 67 पुलिस एनकाउंटर हुए। अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी कार्यशैली काफी सख्त मानी जाती थी। इसके अलावा माफिया मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल लाने की हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उस समय वे प्रयागराज में एडीजी के पद पर तैनात थे और पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रही।

मायावती सरकार में भरोसेमंद अफसर, सपा सरकार में हुए साइडलाइन
प्रेम प्रकाश का प्रशासनिक सफर राजनीतिक बदलावों के साथ भी चर्चा में रहा। बहुजन समाज पार्टी की सरकार के दौरान उन्हें मायावती के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता था और कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं। राजनीतिक हलकों में यह भी माना जाता है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्हें अपेक्षाकृत कम महत्व मिला। हालांकि 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद उन्हें फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं और कानून-व्यवस्था से जुड़े अहम पदों पर तैनाती मिली।

CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान भी संभाली थी बड़ी जिम्मेदारी
साल 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और NRC के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शन हुए थे। उस दौरान कानपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी प्रेम प्रकाश के कंधों पर थी। प्रशासनिक सख्ती और स्थिति को नियंत्रित करने की उनकी कार्यशैली उस समय भी चर्चा का विषय बनी थी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content