'जनता ने गाय कटवाने के लिए वोट नहीं दिया' रामपुर में भाजपा सरकार पर शंकराचार्य का बड़ा हमला, बोले- 2027 में उसी को दें वोट जो गाय को राष्ट्रमाता बनाए
रामपुर में गविष्ठि यात्रा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र और यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराई। पढ़िए उनके बड़े बयान, यात्रा का पूरा रूट और किन नेताओं ने किया स्वागत।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को रामपुर में अपनी 81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा के दौरान केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता ने किसी भी सरकार को इसलिए वोट नहीं दिया था कि वह गायों के वध को रोकने के बजाय उसे जारी रहने दे। उन्होंने लोगों से अपील की कि आने वाले चुनाव में उसी सरकार का समर्थन करें जो गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और प्रभावी गौरक्षा कानून लागू करने का संकल्प ले।
'जनता की आस्था के खिलाफ फैसले ले रही हैं सरकारें'
शंकराचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि यदि सरकार ने वास्तव में जनता के हित में कोई बड़ा काम किया है तो उसे सामने लाया जाए, क्योंकि उनके अनुसार पिछले वर्षों में ऐसे कई फैसले लिए गए हैं जो समाज की धार्मिक भावनाओं के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि जिस सरकार को जनता अपने विश्वास के साथ चुनती है, यदि वही जनता की आस्था के विरुद्ध काम करने लगे तो लोगों को सावधान हो जाना चाहिए।
'हर हिन्दू घर की पहली रोटी गाय की होती है'
गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को दोहराते हुए शंकराचार्य ने कहा कि भारत के अधिकांश हिन्दू परिवारों में बनने वाली पहली रोटी गाय के लिए निकाली जाती है। यही परंपरा इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि माता के समान पूजनीय है। उन्होंने कहा कि जब समाज गाय को माता मानता है तो सरकार को भी उसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रमाता घोषित करना चाहिए।
'देसी गायों का अस्तित्व खतरे में'
शंकराचार्य ने दावा किया कि अंग्रेजों के शासनकाल में प्रतिदिन लगभग 20 हजार गायों का वध होता था, जबकि आज यह संख्या उनके अनुसार 80 हजार प्रतिदिन तक पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि देसी गायों की संख्या लगातार घट रही है और सरकार संकर नस्लों के आंकड़े दिखाकर वास्तविक स्थिति छिपा रही है। उन्होंने कहा कि यदि यही हाल रहा तो भारतीय कृषि, पर्यावरण और सनातन संस्कृति पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
'भाजपा ने गोरक्षा पर केवल राजनीति की'
अपने संबोधन में उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने नए गोरक्षा कानून बनाने के बजाय जम्मू-कश्मीर में वर्षों पुराने गोरक्षा कानून को समाप्त कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में गाय को राज्यमाता घोषित किए जाने के बावजूद उस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया। उनके अनुसार केवल घोषणा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार की नीयत और प्रशासनिक इच्छाशक्ति भी दिखाई देनी चाहिए।
लोगों से दिलाया गौ संरक्षण का संकल्प
सभा के दौरान शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों से हाथ उठवाकर गौमाता की रक्षा का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और पर्यावरण की आधारशिला है। यदि गाय सुरक्षित रहेगी तो सनातन संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने लोगों से गौमाता के सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की।
रामपुर की पांच विधानसभा सीटों से होकर निकली गविष्ठि यात्रा
रविवार को शंकराचार्य की गविष्ठि यात्रा की शुरुआत मिलक विधानसभा से हुई। इसके बाद उनका काफिला रामपुर सदर, चमरौआ, स्वार और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं आयोजित हुईं, जहां गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और गौरक्षा कानून को मजबूत बनाने की मांग दोहराई गई। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
कांग्रेस और सपा नेताओं ने किया स्वागत
रामपुर में गविष्ठि यात्रा के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का स्वागत किया। कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय कपूर, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुती उर रहमान, सपा के प्रदेश महासचिव एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र सागर, कांग्रेस नेता देवकीनंदन गंगवार, दुर्गेश मौर्य, निक्कू पंडित, महेंद्र यदुवंशी, सपा नेता राम बहादुर सागर, रोहित ठाकुर, तजिंदर सिंह विर्क, अशोक सागर समेत कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
मंगल धाम में हुआ रात्रि विश्राम
दिनभर के कार्यक्रमों के बाद शाम करीब पांच बजे शंकराचार्य का काफिला बिलासपुर स्थित मंगल धाम पहुंचा। यहां स्वागत कार्यक्रम के बाद उनका रात्रि विश्राम हुआ। इसी के साथ रामपुर जनपद में गविष्ठि यात्रा का दिनभर का कार्यक्रम संपन्न हुआ और अगले चरण की यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
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