यूपी में शुरू हुई पुलिस भर्ती परीक्षा, प्रतापगढ़ के 17 केंद्रों पर प्रशासन की कड़ी निगरानी, नकल रोकने के लिए बनाई तीन लेयर की सुरक्षा
प्रतापगढ़ में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू हो गई है। जिले के 17 केंद्रों पर 33 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। तीन लेयर की सुरक्षा, बायोमेट्रिक सत्यापन और एडीजी के औचक निरीक्षण के बीच प्रशासन ने नकल पर पूरी तरह नकेल कसने का दावा किया है। जानिए पहले दिन का पूरा हाल...
प्रतापगढ़ में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पहला दिन सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुआ। सुबह 8 बजे से ही जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें नजर आने लगीं। कई छात्र समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी करने में किसी तरह की परेशानी न हो। इस बार जिले में कुल 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अगले तीन दिनों में 33 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन के लिए यह सिर्फ एक भर्ती परीक्षा नहीं, बल्कि व्यवस्था और पारदर्शिता की भी बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई। बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संदिग्ध वस्तुओं की जांच पर फोकस रखा।
तीन लेयर की सुरक्षा में हो रही परीक्षा
नकल और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी लगातार निगरानी कर रहे हैं। सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। परीक्षा कक्ष से लेकर प्रवेश द्वार तक हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस बार सख्ती का दायरा और बढ़ाया गया है। परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों को भी परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं परीक्षा के पहले दिन एडीजी जोन प्रयागराज ज्योति नारायण ने शहर के जीआईसी सहित कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एडीजी ने बताया कि परीक्षा को प्रभावित करने वाले पुराने नकल माफियाओं और संदिग्ध लोगों का पहले ही सत्यापन कराया जा चुका है। प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर अभ्यर्थी को निष्पक्ष अवसर मिले।
पहले दिन 5808 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
पहले दिन कुल 5808 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रशासन के अनुसार अब तक किसी प्रकार की गड़बड़ी या शिकायत सामने नहीं आई है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। अधिकारियों ने साफ कहा है कि भर्ती परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी है। ऐसे में नकल या किसी भी तरह की अनियमितता के लिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
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