प्रतापगढ़ जेल कांड: बंदी की मौत पर उठे सवाल, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रतापगढ़ जेल में कैदी की मौत से गंभीर सवाल उठ रहे हैं, परिवार ने हत्या और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जांच जारी है।
प्रतापगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जिला कारागार में बंद एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की पहचान दीपक उर्फ राहुल के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर जेल के अंदर खुद को आग लगाकर जान दे दी। घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और जांच शुरू कर दी गई। वहीं, मृतक के परिजनों ने इस मामले को आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जिसके बाद परिवार ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
घटना के बाद देर रात मृतक के परिजन प्रतापगढ़ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और वे उसे लेकर अपने घर रवाना हो गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
परिजनों ने लगाए रिश्वत और उत्पीड़न के आरोप
मृतक के भाई रोहित ने जेल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके भाई को जेल न भेजने के नाम पर दिनेश और दीपक नाम के दरोगाओं ने 10 लाख रुपये लिए थे, लेकिन इसके बावजूद उसे जेल भेज दिया गया। रोहित ने यह भी आरोप लगाया कि पैसा वापस मांगने पर उन्हें धमकाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि जेल के अंदर उनके भाई को लगातार प्रताड़ित किया जाता था और धमकियां दी जाती थीं।
आत्महत्या नहीं, हत्या का आरोप
रोहित ने साफ तौर पर कहा कि उनके भाई ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है और अब कहानी को आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रशासन ने शुरू की जांच, तीन कर्मी निलंबित
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर जेल के अंदर यह घटना हुई थी, जिसके बाद जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई थी। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में डिप्टी जेलर ध्रुव श्रीवास्तव समेत तीन जेल कर्मियों को डीआईजी द्वारा निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल प्रशासन इस मामले को प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रहा है, लेकिन सभी पहलुओं से जांच जारी है।
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