प्रतापगढ़ में भीषण सड़क हादसा शादी से लौट रहे चार लोगों की कार गड्ढे में गिरी, दो ब्लॉक कर्मचारियों की मौत
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक शादी से लौटते समय एक दुखद कार दुर्घटना में दो ब्लॉक कर्मचारियों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रतापगढ़ जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। विकास खंड बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के वीडीओ सुरेंद्र बहादुर सिंह के बेटे की शादी से लौट रहे चार लोगों की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में दो ब्लॉक कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ग्राम प्रधान और एक प्रधान प्रतिनिधि गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे से इलाके में शोक का माहौल है और मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
कुंडा से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बाबा बेलखर नाथ धाम क्षेत्र के लोग बुधवार शाम करीब छह बजे शादी समारोह में शामिल होने के लिए कुंडा गए थे। कार में ग्राम प्रधान राजेश कुमार सरोज (50), प्रधान प्रतिनिधि प्रभाकर सिंह (42), ब्लॉक कर्मचारी सर्वेश कुमार (30) और राजमणि तिवारी उर्फ राजू तिवारी सवार थे। ये सभी लोग रात करीब 11:20 बजे शादी समारोह से वापस लौट रहे थे।
आवारा मवेशी को बचाने में बिगड़ा संतुलन
बताया जा रहा है कि बाघराय थाना क्षेत्र के छेऊंगा गांव के पास सड़क पर एक आवारा मवेशी टहल रहा था। उसे बचाने की कोशिश में कार अचानक असंतुलित हो गई। बेकाबू कार पहले सामने से आ रही एक स्कॉर्पियो से टकरा गई और इसके बाद करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसा इतना गंभीर था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत
इस भीषण दुर्घटना में राजमणि तिवारी और सर्वेश कुमार की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं ग्राम प्रधान राजेश कुमार सरोज और प्रधान प्रतिनिधि प्रभाकर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्कॉर्पियो में सवार लोग मौके से भाग गए।
शीशा तोड़कर बाहर निकाले गए घायल
घायल प्रभाकर सिंह ने किसी तरह अपने मोबाइल से अपने बड़े भाई सुधाकर सिंह और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां से परिजन उन्हें इलाज के लिए पीजीआई लखनऊ ले गए।
परिवारों में मचा कोहराम
मृतक राजमणि तिवारी तीन भाइयों और दो बहनों में थे। उनकी शादी लगभग 15 साल पहले राजगढ़ में हुई थी, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। वहीं सर्वेश कुमार पांच भाइयों और दो बहनों में थे और उनके दो जुड़वां बेटे निक्कू और विक्कू हैं। हादसे की खबर मिलते ही उनकी पत्नी सोना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली और मुंबई से घर के लिए रवाना हो गए हैं। राजमणि तिवारी की मौत की खबर मिलते ही इलाके के कई ग्राम प्रधान और हजारों ग्रामीण उनके घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना देने लगे।
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