दिल्ली-NCR में PNG कनेक्शन का तेजी से विस्तार, LPG पर निर्भरता घटाने की तैयारी
आईजीएल दिल्ली एनसीआर में पीएनजी कनेक्शनों का तेजी से विस्तार कर रहा है। सरकार बेहतर ऊर्जा सुरक्षा और सुविधा के लिए एलपीजी से पीएनजी की ओर बदलाव को बढ़ावा दे रही है।
देश में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अब पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। दिल्ली-NCR में Indraprastha Gas Limited (IGL) ने PNG कनेक्शन को बड़े स्तर पर फैलाने की मुहिम शुरू कर दी है। इसका मकसद लोगों को LPG के विकल्प के रूप में एक आसान और सुरक्षित गैस सुविधा देना है। कंपनी का कहना है कि इससे न सिर्फ घरों को फायदा होगा, बल्कि फास्ट-फूड आउटलेट्स और अन्य संस्थानों को भी गैस की लगातार सप्लाई मिल सकेगी।
रोज 600 से बढ़कर 2200 कनेक्शन तक पहुंचा आंकड़ा
IGL के मैनेजिंग डायरेक्टर कमल किशोर चाटीवाल के अनुसार, पहले कंपनी रोजाना 600-700 PNG कनेक्शन देती थी, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 2100-2200 कनेक्शन प्रतिदिन हो गई है। कंपनी का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 5000 कनेक्शन प्रतिदिन तक ले जाना है। पिछले कुछ समय में LPG की सप्लाई में आई रुकावटों के कारण फास्ट-फूड चेन को काफी परेशानी हुई थी। इसी को देखते हुए IGL ने 100 से ज्यादा आउटलेट्स को PNG से जोड़ दिया है और करीब इतने ही आउटलेट्स पर काम जारी है। कुल 400 आउटलेट्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
कनॉट प्लेस और पुलिस स्टेशनों तक पहुंच रहा PNG
अब IGL दिल्ली के हर पुलिस स्टेशन को भी PNG कनेक्शन देने की योजना पर काम कर रही है, जिससे कैंटीन में गैस की समस्या खत्म हो सके। वहीं Connaught Place में भी PNG नेटवर्क का विस्तार शुरू हो गया है। पहले यहां अनुमति नहीं मिल पाई थी, लेकिन अब नियमों में ढील मिलने के बाद पाइपलाइन आउटर सर्किल तक पहुंच चुकी है।
भारत में गैस उत्पादन और खपत का हाल
भारत हर दिन करीब 92 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर नेचुरल गैस का उत्पादन करता है, जबकि PNG और CNG की कुल खपत इससे काफी कम है। दूसरी ओर, LPG का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है, खासकर खाड़ी देशों से। इसी वजह से सरकार PNG को बढ़ावा दे रही है, क्योंकि यह ज्यादा सुरक्षित और स्थायी विकल्प माना जा रहा है।
CNG और PNG नेटवर्क लगातार बढ़ रहा
IGL के पास 950 से ज्यादा CNG स्टेशन हैं, जो 21 लाख से अधिक वाहनों को ईंधन दे रहे हैं। वहीं कंपनी अब तक 30 लाख से ज्यादा घरों को PNG से जोड़ चुकी है। दिल्ली के कुछ इलाके जैसे न्यू मोती बाग, ईस्ट और वेस्ट किदवई नगर पहले ही LPG-फ्री हो चुके हैं।
सरकार का सख्त आदेश और नई योजना
सरकार ने हाल ही में आदेश दिया है कि जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां लोगों को 90 दिनों के अंदर LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो गैस सप्लाई बंद की जा सकती है। भारत में सालाना करीब 31.3 मिलियन टन LPG की खपत होती है, जिसमें से 60 प्रतिशत आयात करना पड़ता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
