राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल पर बंगाल में बवाल… कार्यक्रम में CM-मंत्री न होने पर उठा सवाल, ममता बनर्जी ने दी सफाई

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम की लोकेशन बदलने और राज्य सरकार के प्रतिनिधि न होने पर विवाद खड़ा हो गया। राष्ट्रपति की नाराजगी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सफाई देते हुए इसे निजी कार्यक्रम बताया और बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

Mar 8, 2026 - 10:37
Mar 8, 2026 - 10:43
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राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल पर बंगाल में बवाल… कार्यक्रम में CM-मंत्री न होने पर उठा सवाल, ममता बनर्जी ने दी सफाई

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। इसी बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया बंगाल दौरे को लेकर नया विवाद सामने आया है। दार्जिलिंग क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने कार्यक्रम की लोकेशन अचानक बदले जाने और राज्य सरकार के किसी मंत्री या मुख्यमंत्री के मौजूद न होने पर नाराजगी जताई। राष्ट्रपति के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से भी सफाई सामने आई है। ममता बनर्जी ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार का नहीं बल्कि एक निजी संगठन का था और प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकारियों ने राष्ट्रपति का स्वागत किया था।

राष्ट्रपति ने जताई नाराजगी
हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग इलाके में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की जगह अचानक बदल दी गई थी। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से न तो कोई मंत्री और न ही मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मौजूद थे। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें लगता है कि बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहती। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी उनके लिए छोटी बहन जैसी हैं और वह खुद भी बंगाल की बेटी हैं। इसके बावजूद नॉर्थ बंगाल दौरे के दौरान न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई राज्य मंत्री उन्हें रिसीव करने आया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ममता बनर्जी उनसे नाराज हैं या नहीं।

ममता बनर्जी ने दिया जवाब
राष्ट्रपति के बयान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा आयोजित नहीं था बल्कि एक निजी संगठन ने इसका आयोजन किया था। राष्ट्रपति को इंटरनेशनल संथाल काउंसिल ने आदिवासी सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। ममता बनर्जी के मुताबिक, राष्ट्रपति को रिसीव करने और विदा करने के लिए जो आधिकारिक सूची तय की गई थी, उसमें मुख्यमंत्री या उनके मंत्री शामिल नहीं थे।

प्रशासन ने निभाया प्रोटोकॉल
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिलीगुड़ी जिला प्रशासन ने पहले ही राष्ट्रपति सचिवालय को जानकारी दे दी थी कि कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां पूरी तरह से नहीं हैं। राष्ट्रपति की एडवांस टीम ने भी पहले उस स्थान का दौरा किया था और स्थिति के बारे में जानकारी ले ली थी। ममता बनर्जी ने कहा कि सिलीगुड़ी के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर ने प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रपति को रिसीव किया और विदा भी किया। उनके अनुसार जिला प्रशासन की ओर से किसी तरह की प्रोटोकॉल में चूक नहीं हुई।

बीजेपी पर लगाया राजनीति का आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि अगर राष्ट्रपति साल में एक बार बंगाल आएं तो उनका स्वागत है, लेकिन चुनाव के समय बार-बार दौरे होने पर हर कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि राष्ट्रपति का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जा रहा है। कोलकाता में एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें यह कहते हुए शर्म आ रही है, क्योंकि वह राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि राष्ट्रपति को बीजेपी की नीतियों और निर्देशों के अनुसार राजनीति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।