लूडो खेलते वक्त दोस्त ने कहा – आखिरी गोटी मत काटना… नहीं माना तो निकाल ली पिस्टल, मौके पर ही मार दी गोली
भागलपुर में लूडो खेल के दौरान हुए विवाद में प्रॉपर्टी कारोबारी ऋषभ झा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में प्रॉपर्टी कारोबारी और पूर्व फौजी के बेटे ऋषभ झा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह घटना एक साधारण से लूडो खेल के दौरान हुए विवाद से शुरू हुई और बाद में यह मामला हत्या तक पहुंच गया। पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन ऋषभ झा अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर लूडो खेल रहा था। खेल के दौरान हुई कहासुनी धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मुख्य आरोपी ने गुस्से में आकर गोली चला दी। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
आखिरी गोटी काटने पर भड़क गया आरोपी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि लूडो खेलते समय मुख्य आरोपी सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता की आखिरी गोटी बची हुई थी। वह हार के करीब पहुंच चुका था। इसी दौरान उसने मजाकिया अंदाज में कहा था कि उसकी आखिरी गोटी कोई न काटे, वरना वह गोली मार देगा। हालांकि बाकी लोग इसे मजाक समझकर खेल जारी रखते रहे। कुछ देर बाद चाल चलते हुए ऋषभ झा ने सौरभ की वही आखिरी गोटी काट दी। इससे सौरभ गुस्से से बेकाबू हो गया। उसने तुरंत पिस्टल निकालकर ऋषभ पर गोली चला दी। गोली लगते ही ऋषभ गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक 30 वर्षीय ऋषभ झा शेरमारी गांव निवासी पूर्व फौजी दिलीप कुमार झा का बेटा था।
24 घंटे में पुलिस ने पांच आरोपियों को दबोचा
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सुंदरपुर पीरपैंती निवासी भानु कुमार उर्फ संजीव कुमार शाह, प्रीतम कुमार, राहुल रंजन उर्फ मोनू कुमार और दीपक कुमार शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चार अन्य आरोपियों को पीरपैंती रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पैसे के विवाद और साजिश की भी जांच
पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि घटना के बाद आरोपी और उसके साथियों ने मामले को छिपाने की कोशिश की। घायल ऋषभ को पहले पीरपैंती के एक निजी अस्पताल ले जाया गया और बाद में देर रात जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां अगली सुबह उसकी मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया है कि ऋषभ और सौरभ दोनों मिलकर प्लॉटिंग का काम करते थे। सौरभ का कुछ पैसा ऋषभ के पास बकाया था, जिसे लेकर दोनों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस को शक है कि इसी विवाद के चलते सौरभ ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर लूडो खेलने के बहाने हत्या की साजिश रची थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
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