बर्बाद हुआ ईरान फिर भी नहीं मानी हार, सुपरपावर अमेरिका का हाल कर दिया बेहाल.. देखिए रिपोर्ट

IranIsraelWar: 60 दिन के युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हुआ, लेकिन वह वैश्विक स्तर पर मजबूत छवि बनाकर उभरा। अमेरिका ने सैन्य जीत हासिल की, लेकिन उसकी साख को झटका लगा। इस युद्ध ने दिखाया कि अब दुनिया में शक्ति संतुलन बदल रहा है और महाशक्तियां भी सीमित हो गई हैं।

Apr 28, 2026 - 14:37
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बर्बाद हुआ ईरान फिर भी नहीं मानी हार, सुपरपावर अमेरिका का हाल कर दिया बेहाल.. देखिए रिपोर्ट

28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ अमेरिका-ईरान-इजराइल युद्ध अब 60 दिन पूरे कर चुका है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम से शुरू हुए इस संघर्ष ने मध्य पूर्व की तस्वीर बदल दी है। दो महीनों में हालात तेजी से बदले, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान ईरान को झेलना पड़ा। वहीं, अमेरिका की वैश्विक साख को भी बड़ा झटका लगा है। हैरानी की बात यह है कि भारी तबाही के बावजूद ईरान की छवि मजबूत होकर उभरी है। इस युद्ध ने दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब महाशक्तियों का प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा।

ईरान को हुआ भारी नुकसान 
युद्ध की शुरुआत में ही ईरान को बड़ा झटका लगा। पहले हमले में उसके सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के परमाणु केंद्र, मिसाइल फैक्ट्रियां, एयर डिफेंस सिस्टम और नौसेना को भारी नुकसान हुआ। हजारों सैनिक और आम नागरिक मारे गए। तेल निर्यात लगभग रुक गया और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश में ईरान खुद आर्थिक संकट में फंस गया। अनुमान है कि दो महीनों में उसकी अर्थव्यवस्था को 25-30% तक नुकसान हुआ।

फिर भी हीरो कैसे बना ईरान?
इतनी तबाही के बावजूद ईरान ने हार नहीं मानी। उसने सस्ते ड्रोन और मिसाइलों से इजराइल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर हमले किए। होर्मुज में संकट पैदा होने से तेल की कीमत 100-120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिससे पूरी दुनिया प्रभावित हुई। रूस और चीन के समर्थन और S-400 जैसी तकनीक ने ईरान को पूरी तरह टूटने से बचा लिया। कई मुस्लिम देशों, ग्लोबल साउथ और विकासशील देशों में ईरान को अब एक मजबूत प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका-इजराइल की जीत या भारी कीमत?
अमेरिका और इजराइल ने अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल किए, जैसे ईरान का परमाणु कार्यक्रम कमजोर करना और उसकी मिसाइल क्षमता घटाना। लेकिन इसकी कीमत बहुत ज्यादा रही। अमेरिका ने अकेले 70 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर दिए। हजारों मिसाइलें दागी गईं, जिससे उसकी अपनी सैन्य ताकत पर भी असर पड़ा। अब इन संसाधनों को फिर से तैयार करने में सालों लग सकते हैं।

दुनिया की राजनीति में बड़ा बदलाव
इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ा। तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ी और एशिया-यूरोप की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुईं। सबसे बड़ा झटका अमेरिका की छवि को लगा। उसके सहयोगी देश जैसे NATO और QUAD भी पूरी तरह साथ नहीं दिखे। यूरोप ने दूरी बना ली, जबकि BRICS और बहुध्रुवीय दुनिया की ताकत बढ़ती नजर आई।

क्या है 60 दिन बाद का असर
अब युद्ध रुकने की दिशा में बढ़ रहा है, लेकिन इसके नतीजे साफ हैं। ईरान सैन्य और आर्थिक रूप से कमजोर हुआ, फिर भी उसकी छवि मजबूत बनी। वहीं अमेरिका ने सैन्य जीत हासिल की, लेकिन रणनीतिक और नैतिक रूप से नुकसान उठाया। यह युद्ध दिखाता है कि आज की दुनिया में ताकत का संतुलन बदल रहा है और छोटे देश भी बड़ी ताकतों को चुनौती दे सकते हैं।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।