तेल संकट के बीच अब नहीं रुकेगी भारत की रफ्तार, ओमान बना भरोसेमंद साथी

Oman India News: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ओमान भारत के लिए अहम भूमिका निभा सकता है। होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई पर खतरा बना है, लेकिन ओमान की मध्यस्थता से राहत मिल सकती है। भारत इस स्थिति पर नजर रखे हुए है और अपने जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है।

Apr 28, 2026 - 11:07
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तेल संकट के बीच अब नहीं रुकेगी भारत की रफ्तार, ओमान बना भरोसेमंद साथी

 India Oman Relations: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत की खबर सामने आ रही है। खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस की सप्लाई पर संकट के बीच ओमान भारत के लिए एक भरोसेमंद साथी बनकर उभर रहा है। भारत इस समय होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, क्योंकि यही रास्ता दुनिया के बड़े हिस्से की ऊर्जा सप्लाई का मुख्य केंद्र है। हाल ही में ईरान और ओमान के बीच बातचीत हुई है, जिससे सुरक्षित समुद्री रास्ते की उम्मीद जगी है। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।

ओमान की भूमिका क्यों है अहम
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में ओमान का दौरा किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बातचीत को महत्वपूर्ण बताया। बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही पर जोर दिया गया। अराघची ने कहा कि ओमान, जो होर्मुज के तट पर स्थित एकमात्र देश है, वह सभी देशों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। वहीं भारत भी इस बातचीत पर करीबी नजर रखे हुए है।

होर्मुज में भारतीय जहाजों की स्थिति
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस समय होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में 14 भारतीय जहाज मौजूद हैं। हाल ही में देश गरिमा नाम का भारतीय टैंकर कतर के रास लाफान से 97,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर मुंबई पहुंचा। 13 अप्रैल के बाद से 30 से ज्यादा टैंकर इस रास्ते से गुजर चुके हैं। हालांकि, कुछ जहाजों पर हमले की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे जोखिम बढ़ गया है।

क्यों इतना महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट
होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके अलावा LNG, LPG और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई भी इसी मार्ग से होती है। इसलिए यहां किसी भी तरह का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

भारत-ओमान रिश्तों की मजबूत नींव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17-18 दिसंबर 2025 को ओमान का दौरा किया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच CEPA समेत कई समझौते हुए। ऊर्जा, रक्षा, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया जैसे नए ऊर्जा क्षेत्रों में भी साथ काम करने की योजना बनाई।

आगे क्या हो सकता है असर
ओमान अपने तटस्थ रुख के कारण अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। अगर समझौता होता है, तो होर्मुज का रास्ता सुरक्षित हो सकता है और भारत की ऊर्जा सप्लाई सामान्य बनी रह सकती है। फिलहाल भारत अपने जहाजों की सुरक्षा और तेल सप्लाई को लेकर सतर्क है। आने वाले दिनों में ओमान की भूमिका इस पूरे संकट में बहुत अहम साबित हो सकती है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।