जमीन पर बैठकर खाना खाने की पुरानी परंपरा क्यों है फायदेमंद? सेहत के लिए छिपे हैं कई लाभ
भोजन करते समय ज़मीन पर बैठना एक प्राचीन परंपरा है जिसके अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं। यह पाचन क्रिया में सुधार करता है, वेगस तंत्रिका को सक्रिय करता है और अधिक खाने पर नियंत्रण रखने में सहायक होता है।
हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की कुछ तस्वीरें सामने आईं, जिनमें वे इफ्तार के दौरान जमीन पर बैठकर खाना खाते दिखाई दिए। इन तस्वीरों ने लोगों को पुराने समय की उस परंपरा की याद दिला दी, जब अधिकतर लोग जमीन पर बैठकर ही भोजन करते थे। गांवों में शादी-ब्याह की पंगत हो, भोज-भात का आयोजन हो या फिर घर में दादी-नानी की रसोई, पहले जमीन पर बैठकर खाना खाना आम बात थी। आज भले ही लोग टेबल और कुर्सी पर बैठकर खाना खाने लगे हों, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि जमीन पर बैठकर भोजन करने के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं।
गट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है
विशेषज्ञों के अनुसार जमीन पर पालथी मारकर बैठना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि यह एक प्राकृतिक फिटनेस पोज भी है। जब कोई व्यक्ति सुखासन की मुद्रा में बैठता है, तो पेट पर हल्का दबाव बनता है। इससे शरीर में डाइजेस्टिव एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं, जो भोजन को अच्छे से पचाने में मदद करते हैं। इसका फायदा यह होता है कि खाना केवल पेट में ही नहीं जाता, बल्कि शरीर उसे सही तरीके से अवशोषित भी कर पाता है। यही कारण है कि जमीन पर बैठकर खाना खाने वाले लोगों में गैस और अपच जैसी समस्याएं अपेक्षाकृत कम देखी जाती हैं।
वैगस नर्व होती है सक्रिय
इस तरह बैठकर खाना खाने से शरीर की एक महत्वपूर्ण नस, जिसे वेगस तंत्रिका कहा जाता है, सक्रिय हो जाती है। यह नस दिमाग को संकेत देती है कि पेट भर चुका है। इससे व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खाना खाने से बच जाता है और ओवरईटिंग की समस्या कम हो जाती है। इसके अलावा सुखासन में बैठने से घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी की लचक भी बनी रहती है। इससे शरीर का पॉश्चर बेहतर होता है और पीठ दर्द की संभावना भी कम हो जाती है। साथ ही यह तरीका मन को शांत रखता है और व्यक्ति को ‘माइंडफुल ईटिंग’ यानी ध्यानपूर्वक भोजन करने की आदत सिखाता है।
टेबल-कुर्सी की आदत से बढ़ीं कुछ समस्याएं
समय के साथ जीवनशैली बदल गई और लोग टेबल-कुर्सी पर बैठकर खाना खाने लगे। इससे सुविधा तो बढ़ी, लेकिन कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आने लगीं। कुर्सी पर बैठकर जल्दी-जल्दी खाना खाने, झुकी हुई पीठ रखने और गलत मुद्रा में बैठने से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति में शरीर का प्राकृतिक पाचन प्रक्रिया थोड़ा धीमी हो सकती है।
फिर से अपनाई जा सकती है यह आदत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी सेहत केवल एक्सरसाइज और सुपरफूड पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि हमारे खाने के तरीके पर भी निर्भर करती है। इसलिए जहां संभव हो, जमीन पर बैठकर भोजन करने की आदत अपनानी चाहिए। इसके साथ यदि नियमित योगाभ्यास भी किया जाए तो शरीर पर इसका सकारात्मक असर जल्दी महसूस किया जा सकता है।
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