सीएम ग्राम परिवहन योजना 2026: गांवों तक चलेंगी निजी बसें, नए रूट के लिए मांगे गए आवेदन
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के तहत, लखीमपुर खेरी में ग्रामीण मार्गों पर निजी बसें चलेंगी ताकि गांवों, ब्लॉकों और जिला मुख्यालयों के बीच परिवहन संपर्क में सुधार हो सके।
लखीमपुर खीरी जिले में ग्रामीण परिवहन को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है।मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के तहत अब लोग अपने निजी वाहन ग्रामीण मार्गों पर चला सकेंगे। इस योजना का उद्देश्य दूरदराज गांवों को बेहतर परिवहन सुविधा देना है, ताकि ग्रामीणों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में आसानी हो सके। इसके लिए इच्छुक लोग आवेदन कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार यह योजना गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी शर्तें
योजना के तहत वाहन चलाने के इच्छुक लोगों कोउत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम से करार करना होगा। इसके बाद इन वाहनों को ग्रामीण मार्गों पर चलाने की अनुमति दी जाएगी। आवेदन करने के लिए लोगों को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में संपर्क करना होगा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गीता सिंह ने बताया कि योजना के तहत वही वाहन शामिल किए जाएंगे जिनकी सीट क्षमता 15 से 28 तक होगी। साथ ही वाहन की अधिकतम आयु आठ वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अनुबंध की अवधि 10 वर्ष तय की गई है। इसके लिए आवेदन शुल्क 2000 रुपये रखा गया है। इसके अलावा प्रति वाहन 5000 रुपये की सिक्योरिटी जमा करनी होगी और हर महीने 1500 रुपये का शुल्क देना होगा।
परमिट शुल्क में पूरी छूट और आय का अधिकार
अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी गई है। करार होने के बाद इन वाहनों के परमिट शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सबसे खास बात यह है कि वाहन से होने वाली पूरी कमाई वाहन मालिक की होगी। उन्हें तय सीमा के अंदर किराया वसूलने का अधिकार होगा। इसके अलावा मार्ग, फेरे और समय का निर्धारण भी वाहन मालिक खुद करेंगे। इसमें परिवहन निगम का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। हालांकि अगर किसी तरह की दुर्घटना होती है तो पीड़ितों को मुआवजा और बीमा की जिम्मेदारी वाहन मालिक की होगी। अधिकारियों के अनुसार आवेदन के बाद चयन प्रक्रिया लगभग 15 से 24 दिनों में पूरी कर ली जाएगी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगा चयन
इस योजना के लिए आए आवेदनों की जांच और चयन एक विशेष समिति द्वारा किया जाएगा। यह समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गई है। समिति में मुख्य विकास अधिकारी, एआरटीओ और एआरएम भी शामिल होंगे। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि इस योजना के जरिए जिले के दूरदराज गांवों तक सीधी और सस्ती परिवहन सुविधा पहुंचाई जाएगी। जिन ग्रामीण मार्गों पर अभी परिवहन निगम की बसें नहीं चलतीं, वहां छोटी बसें चलाई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों से ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक सुरक्षित और नियमित परिवहन सेवा उपलब्ध हो सके।
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