सिरदर्द से राहत दिला सकता है भ्रामरी प्राणायाम, जानिए कारण और आसान घरेलू उपाय
सिरदर्द और माइग्रेन के प्रकार, कारण और सरल घरेलू उपचारों के बारे में जानें। भ्रमरी प्राणायाम तनाव और दर्द को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद कर सकता है।
बदलते मौसम के साथ सिरदर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। तनाव, साइनस, माइग्रेन, नींद की कमी और ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण आज हर उम्र के लोग सिरदर्द से परेशान हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अब सिरदर्द सिर्फ एक सामान्य दर्द नहीं बल्कि शरीर का चेतावनी संकेत बन गया है। एम्स की एक स्टडी बताती है कि दिल्ली-एनसीआर में 27 प्रतिशत लोग माइग्रेन और 34 प्रतिशत लोग टेंशन हेडेक से जूझ रहे हैं। महिलाओं में माइग्रेन का खतरा पुरुषों से दोगुना पाया गया है। ऐसे में भ्रामरी प्राणायाम को एक असरदार और प्राकृतिक उपाय माना जा रहा है।
भ्रामरी प्राणायाम क्यों है खास
भ्रामरी प्राणायाम एक ऐसी ध्वनि पैदा करता है जो कानों से होते हुए सीधे दिमाग तक पहुंचती है। यह नर्वस सिस्टम को शांत करता है और दिमाग में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर बनाता है। इससे सिर का भारीपन कम होता है। बदलते मौसम में जब एलर्जी, डिहाइड्रेशन और तनाव बढ़ता है, तब यह प्राणायाम प्राकृतिक पेन-रिलीफ की तरह काम करता है।
कितने प्रकार के होते हैं सिरदर्द
सिरदर्द कई तरह का होता है। जैसे सिर के चारों ओर कसाव महसूस होना टेंशन हेडेक कहलाता है। सिर के एक हिस्से में धड़कता दर्द माइग्रेन होता है। आंख के पीछे अचानक तेज दर्द क्लस्टर हेडेक हो सकता है। माथे और गाल में दबाव साइनस हेडेक का संकेत है। इसके अलावा हाई बीपी, सर्वाइकल, डिहाइड्रेशन, खराब पोस्चर और नींद की गड़बड़ी भी सिरदर्द का कारण बन सकते हैं।
सिरदर्द की मुख्य वजहें
नींद की कमी, पानी कम पीना, ज्यादा स्क्रीन टाइम, खराब पाचन, पोषण की कमी, हार्मोनल समस्या, तनाव और कमजोर नर्वस सिस्टम इसके प्रमुख कारण हैं। बार-बार दर्द होने पर केवल दवा लेना पर्याप्त नहीं है, कारण समझना भी जरूरी है।
बचाव और घरेलू उपाय
टेंशन हेडेक में ध्यान लगाना, पर्याप्त पानी पीना, आंखों की देखभाल और गर्दन-सिर की मसाज फायदेमंद है। गैस और एसिडिटी कंट्रोल रखें, कफ संतुलित करें, अनुलोम-विलोम करें और अणु तेल नाक में डाल सकते हैं। पित्त नियंत्रण के लिए अंकुरित अनाज, हरी सब्जियां और लौकी खाएं। बादाम रोगन दूध में डालकर पीना या नाक में डालना लाभकारी है। बादाम-अखरोट पीसकर खाने से भी फायदा मिलता है। 10 ग्राम नारियल तेल में 2 ग्राम लौंग का तेल मिलाकर सिर पर लगाने से तुरंत राहत मिल सकती है। माइग्रेन में देसी घी की जलेबी खाने के बाद गाय का दूध पीना भी उपयोगी बताया गया है।
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