भोपाल से उड़ान भरकर पाकिस्तान पहुंचा गिद्ध… 6 दिनों में 1200 KM की चौंकाने वाली यात्रा ने सबको किया हैरान

Bhopal Vulture News: भोपाल से छोड़ा गया एक गिद्ध 1200 किलोमीटर उड़कर पाकिस्तान पहुंच गया। 30 मार्च को छोड़े गए इस गिद्ध का GPS 7 अप्रैल को बंद हो गया था। बाद में WWF और पाकिस्तान की टीम ने उसे रेस्क्यू किया। ओलावृष्टि में घायल गिद्ध का इलाज जारी है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है।

Apr 14, 2026 - 11:30
 0
भोपाल से उड़ान भरकर पाकिस्तान पहुंचा गिद्ध… 6 दिनों में 1200 KM की चौंकाने वाली यात्रा ने सबको किया हैरान

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से छोड़ा गया एक गिद्ध अचानक अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है। यह गिद्ध लगभग 6 दिनों में 1200 किलोमीटर की लंबी उड़ान भरते हुए सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया। इस गिद्ध को भोपाल के पास हलाली डैम क्षेत्र से ट्रैकिंग डिवाइस लगाकर खुले आसमान में छोड़ा गया था। शुरुआत में इसकी गतिविधियां सामान्य रहीं, लेकिन कुछ दिनों बाद यह राजस्थान की ओर बढ़ते हुए पाकिस्तान सीमा तक पहुंच गया। वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए यह घटना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे गिद्धों की लंबी दूरी तय करने की क्षमता का पता चलता है।

30 मार्च को छोड़ा गया था गिद्ध, 7 अप्रैल को सिग्नल हुआ बंद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस गिद्ध को 30 मार्च 2026 को छोड़ा गया था। ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए इसकी लगातार निगरानी की जा रही थी। यात्रा के दौरान यह गिद्ध राजस्थान होते हुए पाकिस्तान के खानेवाल क्षेत्र तक पहुंच गया। 7 अप्रैल 2026 को अचानक इसका GPS सिग्नल बंद हो गया, जिससे इसकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई। आखिरी लोकेशन पाकिस्तान में दर्ज की गई थी, जिसके बाद भारतीय वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फेडरेशन (WWF) की टीम तुरंत सक्रिय हो गई।

भारत-पाकिस्तान WWF की मदद से शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
सिग्नल बंद होने के बाद भारत की WWF टीम ने तुरंत पाकिस्तान की WWF शाखा और स्थानीय वन विभाग से संपर्क किया। दोनों देशों के बीच समन्वय के बाद गिद्ध की तलाश शुरू की गई। कुछ समय बाद स्थानीय लोगों की मदद से इस गिद्ध को पाकिस्तान में ढूंढ लिया गया और सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इस संयुक्त प्रयास को वन्यजीव संरक्षण के लिए एक सफल उदाहरण माना जा रहा है।

ओलावृष्टि से घायल हुआ गिद्ध, इलाज जारी
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के खानेवाल और मुल्तान क्षेत्र में आए तेज ओलावृष्टि और तूफान के कारण यह गिद्ध घायल हो गया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन्यजीव अधिकारियों ने उसे रेस्क्यू किया और “चंगा मंगा वल्चर कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर” में भर्ती कराया। वहां उसका इलाज किया जा रहा है और अब उसकी हालत में सुधार हो रहा है। बताया जा रहा है कि गिद्ध अब सामान्य रूप से भोजन कर रहा है और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है।

वन्यजीव संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी उड़ान और थकान के कारण गिद्ध को इलाज की आवश्यकता पड़ी। यह घटना दिखाती है कि वन्यजीव संरक्षण के लिए देशों के बीच सहयोग कितना जरूरी है। भोपाल से शुरू हुई यह यात्रा पाकिस्तान तक पहुंचकर एक अनोखा उदाहरण बन गई है, जो भविष्य में संरक्षण प्रयासों के लिए नई सीख देती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।