बरेली सेंट्रल जेल से उम्रकैद का बंदी फरार, पॉक्सो मामले में काट रहा था उम्रकैद की सजा, 7 जेलकर्मी हुए सस्पेंड, ढूंढने में जुटी 4 टीमें
उत्तर प्रदेश की हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली बरेली सेंट्रल जेल से उम्रकैद का बंदी फरार होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कुछ ही घंटों में सात जेलकर्मी सस्पेंड कर दिए गए, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई। आखिर 45 बंदियों के बीच मौजूद दिनेश कुमार सुरक्षा घेरा तोड़कर कैसे भागा?
उत्तर प्रदेश की बरेली सेंट्रल जेल से सोमवार को पॉक्सो मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा एक बंदी फरार हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही जेल परिसर में अलार्म बजाया गया और बंदी की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए डीजी जेल पीसी मीणा ने सात अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि वरिष्ठ जेल अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
कृषि फार्म से फरार हुआ बंदी
डीजी जेल के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे सूचना मिली कि जेल के बाहरी कृषि फार्म कमान नंबर-1 से एक बंदी लापता हो गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि फरार बंदी की पहचान अमरोहा के नन्हेड़ा गांव निवासी दिनेश कुमार के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने पूरे परिसर में अलार्म बजाकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी सघन खोजबीन कराई गई, लेकिन बंदी का कोई सुराग नहीं मिला।
पॉक्सो मामले में मिली थी उम्रकैद
दिनेश कुमार को अमरोहा की विशेष पॉक्सो अदालत ने 9 जनवरी 2026 को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद 19 अप्रैल 2026 को उसे बिजनौर जिला कारागार से स्थानांतरित कर बरेली केंद्रीय कारागार भेजा गया था। जेल रिकॉर्ड के अनुसार सोमवार सुबह 7:22 बजे उसे 45 अन्य बंदियों के साथ कृषि कार्य के लिए जेल के बाहरी फार्म पर भेजा गया था।
सुरक्षा के बीच कैसे भागा बंदी?
जिस समय दिनेश कुमार कृषि कार्य पर गया था, उसकी निगरानी के लिए कमान प्रभारी, हेड जेल वार्डर, जेल वार्डर और पुलिस विभाग के जवान तैनात थे। इसके बावजूद बंदी के फरार होने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित
डीजी जेल पीसी मीणा ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए जेलर, डिप्टी जेलर, हेड जेल वार्डरों और जेल वार्डरों समेत सात अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
चार टीमें कर रहीं तलाश
फरार बंदी की तलाश के लिए जेल प्रशासन ने चार अलग-अलग टीमें गठित की हैं। इन टीमों को रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य संभावित स्थानों पर भेजा गया है। अमरोहा पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। वहीं बरेली के इज्जतनगर थाने में फरार बंदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी मानुष पारीक समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस और जेल प्रशासन संयुक्त रूप से इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि बंदी के फरार होने में किसी अंदरूनी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
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