मथुरा में फिर गरमाई श्रीकृष्ण जन्मभूमि की सियासत, 9 अगस्त को कार सेवा का ऐलान, अखिलेश यादव से भी की आंदोलन में शामिल होने की अपील
मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास बने गुंबद को लेकर विवाद फिर तेज हो गया है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 9 अगस्त को कार सेवा का ऐलान करते हुए पोस्टर जारी किया है। आंदोलन को कई संतों और निर्मोही अखाड़े का समर्थन मिला है, वहीं अखिलेश यादव से भी इसमें शामिल होने की अपील की गई है। आखिर क्या है पूरा मामला और क्यों फिर गरमाई कृष्ण जन्मभूमि की बहस
मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर एक बार फिर माहौल गर्माता दिखाई दे रहा है। जन्मभूमि परिसर के पास बने एक गुंबद को लेकर विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने इसे विवादित बताते हुए 9 अगस्त को कार सेवा करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने सनातन समाज से बड़ी संख्या में मथुरा पहुंचने की अपील करते हुए एक पोस्टर भी जारी किया है। इस घोषणा के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पोस्टर जारी कर दिया आंदोलन का संदेश
शनिवार शाम जारी किए गए पोस्टर के जरिए स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने इसे केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जन्मभूमि मुक्ति अभियान का स्वरूप दिया है। पोस्टर में लिखा गया है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि हमारी है, इसे लेकर रहेंगे। इसके साथ ही 9 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचने का आह्वान किया गया है। पोस्टर में प्रभु श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मुक्ति हेतु छोड़ो कृष्ण जन्मभूमि, आ रहे भगवाधारी जैसे नारे भी लिखे गए हैं। साथ ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि हमारा धर्म, हमारा अधिकार और हमारा संकल्प का संदेश देकर देशभर के सनातन समाज से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है।
दिल्ली से मथुरा तक निकलेगी यात्रा
स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 9 अगस्त को कार सेवा का आयोजन किया जाएगा। उनके मुताबिक यात्रा दिल्ली के इंद्रप्रस्थ क्षेत्र से शुरू होकर सीधे मथुरा पहुंचेगी, जहां जन्मभूमि परिसर के पास प्रस्तावित कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक सनातनी हिंदुओं से इसमें शामिल होने की अपील की है।
निर्मोही अखाड़े समेत कई संतों ने दिया समर्थन
कार सेवा के ऐलान के बाद कई साधु-संत और धार्मिक संगठनों ने भी इस अभियान का समर्थन किया है। निर्मोही अखाड़े से जुड़े संतों ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज से मुलाकात कर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। संतों का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे को लेकर समाज को एकजुट होना चाहिए।
अखिलेश यादव से भी की आंदोलन में आने की अपील
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित पहलू वह अपील रही, जिसमें निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता संत सीताराम दास महाराज ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम लिया। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज मानते हैं, तो उन्हें भी जन्मभूमि मुक्ति अभियान में आगे आकर समर्थन देना चाहिए।
एक धक्का और दो के नारे से तेज हुआ अभियान
निर्मोही अखाड़े में हुई बैठक के दौरान स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने आंदोलन को लेकर संतों के साथ विस्तृत चर्चा की। इसी दौरान उन्होंने "एक धक्का और दो" का नारा भी दिया, जिसे लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। संतों का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह धार्मिक भावना से जुड़ा है और इसका उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए जनसमर्थन जुटाना है।
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