धूप और सप्लीमेंट लेने के बाद भी क्यों कम रहता है विटामिन D? जानिए असली कारण और आसान उपाय
जानिए धूप में रहने और सप्लीमेंट लेने के बाद भी विटामिन डी का स्तर कम क्यों रह सकता है। विशेषज्ञ पित्त प्रवाह, तनाव और चयापचय की भूमिका समझाते हैं।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन D बहुत जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। इसकी कमी होने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और कई स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। आमतौर पर डॉक्टर सुबह की धूप लेने और विटामिन D से भरपूर भोजन या सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। लेकिन कई लोगों में धूप लेने और दवाइयां लेने के बाद भी विटामिन D का स्तर कम ही बना रहता है। ऐसे में जरूरी है कि इसके पीछे छिपे असली कारण को समझा जाए। न्यूट्रिशनिस्ट नेहा रंगलानी के अनुसार शरीर को विटामिन D सही मात्रा में मिले, इसके लिए शरीर की कुछ आंतरिक प्रक्रियाओं का सही होना भी जरूरी है।
बाइल फ्लो कम होना भी हो सकता है कारण
न्यूट्रिशनिस्ट नेहा रंगलानी के मुताबिक कई बार शरीर में विटामिन D कम रहने की वजह बाइल फ्लो का ठीक से काम न करना भी हो सकता है। दरअसल विटामिन D एक फैट सॉल्युबल विटामिन है। इसका मतलब है कि इसे शरीर में अवशोषित होने के लिए फैट और बाइल की जरूरत होती है। बाइल लिवर में बनता है और गॉल ब्लैडर में स्टोर रहता है। इसका मुख्य काम फैट को तोड़ना होता है। जब फैट सही तरीके से टूटता है तब ही शरीर विटामिन D, विटामिन A, विटामिन E और विटामिन K जैसे फैट सॉल्युबल विटामिन को सही तरह से इस्तेमाल कर पाता है। इसलिए अगर आप अच्छा भोजन खा रहे हैं, धूप ले रहे हैं और विटामिन D के सप्लीमेंट भी ले रहे हैं, लेकिन फिर भी इसकी कमी बनी हुई है, तो इसका कारण बाइल फ्लो का कमजोर होना हो सकता है।
बाइल फ्लो को बेहतर बनाने के आसान तरीके
बाइल फ्लो को स्वस्थ रखने के लिए खाने में कुछ खास चीजों को शामिल करना जरूरी है। कड़वे स्वाद वाली सब्जियां जैसे करेला, मेथी, मूली और अरुगुला के पत्ते खाने से फायदा मिल सकता है। इसके साथ ही भोजन में हेल्दी फैट जैसे ऑलिव ऑयल, नट्स और सीड्स शामिल करना चाहिए। बहुत ज्यादा लो फैट डाइट लेने से बचना भी जरूरी है। भोजन करने के बाद थोड़ी देर टहलना और शरीर को सक्रिय रखना भी बाइल फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा लिवर को स्वस्थ रखने के लिए साबुत अनाज खाना भी फायदेमंद माना जाता है।
लंबे समय तक तनाव भी घटा सकता है विटामिन D
लंबे समय तक तनाव में रहना भी विटामिन D की कमी का एक कारण हो सकता है। शरीर कोलेस्ट्रॉल का उपयोग कई जरूरी हार्मोन बनाने में करता है, जिनमें कार्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन और विटामिन D भी शामिल हैं। जब शरीर लगातार तनाव में रहता है तो वह सर्वाइवल मोड में चला जाता है और ज्यादा मात्रा में कार्टिसोल हार्मोन बनाने लगता है। ऐसे में विटामिन D का उत्पादन कम हो सकता है। तनाव के कारण शरीर में सूजन भी बढ़ती है, जिससे विटामिन D की जरूरत और ज्यादा बढ़ जाती है। यही वजह है कि सप्लीमेंट लेने के बाद भी कई लोगों में इसकी कमी बनी रहती है।
तनाव कम करना भी है जरूरी
तनाव को कम करने के लिए अच्छी और पूरी नींद लेना बहुत जरूरी है। रोज सुबह कुछ समय धूप में बिताना भी फायदेमंद होता है। इसके अलावा रोजाना सांस से जुड़े व्यायाम और मेडिटेशन करने से भी तनाव कम हो सकता है। भोजन में ऐसी चीजें शामिल करनी चाहिए जो ब्लड शुगर को संतुलित रखें। साथ ही प्रकृति के बीच कुछ समय बिताना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना भी हार्मोन संतुलन को बेहतर बनाता है और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
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