IPL जीत के बाद वृंदावन पहुंचे विराट, हाथ में दिखी खास किताब ने खींचा सबका ध्यान
Virat Kohli Vrindavan Visit: आईपीएल-2026 जीतने के बाद विराट कोहली पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन पहुंचे। प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दर्शन के दौरान उनके हाथ में दिखाई दी ‘श्री वृंदावन महिमामृतम’ पुस्तक चर्चा का विषय बन गई। यह 500 साल पुराना धार्मिक ग्रंथ माना जाता है।
आईपीएल-2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को चैंपियन बनाने के बाद विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। हालांकि इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उनके हाथ में दिखाई दी एक विशेष धार्मिक पुस्तक को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग यह जानने को उत्सुक दिखे कि आखिर विराट कौन-सा ग्रंथ लेकर आश्रम पहुंचे थे।
प्रेमानंद महाराज के आश्रम में लिया आशीर्वाद
वृंदावन पहुंचने के बाद विराट कोहली और अनुष्का शर्मा सीधे प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। यहां दोनों ने संत से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। इसके अलावा उन्होंने प्रेमानंद महाराज के गुरुदेव के आश्रम में भी दर्शन किए। पिछले कुछ वर्षों में विराट कोहली कई बार धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर जाते हुए दिखाई दिए हैं। ऐसे में उनकी यह यात्रा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
आखिर कौन-सी पुस्तक लेकर पहुंचे थे विराट?
आश्रम की ओर जाते समय विराट कोहली के हाथ में एक पुस्तक दिखाई दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उस पुस्तक के बारे में जानने की कोशिश शुरू कर दी। बाद में जानकारी सामने आई कि वह पुस्तक ‘श्री वृंदावन महिमामृतम’ थी। यह एक प्राचीन धार्मिक ग्रंथ माना जाता है। बताया जाता है कि इसकी रचना प्रबोधानंद सरस्वती महाराज ने की थी और इसका इतिहास लगभग 500 वर्ष पुराना है।
वृंदावन की महिमा का विस्तृत वर्णन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘श्री वृंदावन महिमामृतम’ में वृंदावन की महिमा और आध्यात्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया गया है। इस ग्रंथ में वृंदावन में निवास करने के महत्व, वृंदावन की पवित्र रज (धूल), यमुना नदी की महत्ता, प्राचीन मंदिरों और धार्मिक परंपराओं का उल्लेख मिलता है। साथ ही भजन-कीर्तन और वृंदावन के प्रसिद्ध सप्त देवालयों के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसी वजह से यह पुस्तक भक्तों के बीच विशेष स्थान रखती है।
रस भारती संस्थान ने किया प्रकाशन
जानकारी के अनुसार, इस पुस्तक का प्रकाशन रस भारती संस्थान द्वारा किया गया है। संस्थान से जुड़े छैल बिहारी खंडेलवाल ने बताया कि प्रेमानंद महाराज भी अपने प्रवचनों में इस ग्रंथ का उल्लेख करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह पुस्तक स्वयं उन्होंने विराट कोहली को भेंट की थी। विराट कोहली की यह वृंदावन यात्रा और उनके हाथ में दिखाई दिया यह विशेष ग्रंथ अब भक्तों और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। IPL जीत के बाद उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा एक बार फिर उनके धार्मिक और आध्यात्मिक पक्ष को सामने लेकर आई है।
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