23 लीटर दूध, 5.5 फीट ऊंचाई… UP की इस भैंस के आगे सब फेल, दूर-दूर से देखने पहुंच रहे लोग
सहारनपुर की मुर्रा नस्ल की भैंस गार्गी ने एक दिन में 23 लीटर से ज्यादा दूध देकर उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इसकी कीमत 50 लाख तक लग चुकी है, लेकिन परिवार इसे बेचने को तैयार नहीं है। गार्गी अब पूरे गांव की पहचान और सम्मान बन चुकी है।
उत्तर प्रदेश की सबसे ज्यादा दूध देने वाली भैंस इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। सहारनपुर जिले के मोहम्मदपुर गांव में पाली गई मुर्रा नस्ल की भैंस ‘गार्गी’ ने दूध उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गार्गी एक दिन में 23 लीटर से ज्यादा दूध देती है, जिसके चलते उसने उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस खास उपलब्धि के बाद गांव में खुशी का माहौल है और दूर-दूर से लोग इस भैंस को देखने पहुंच रहे हैं। खास बात यह भी है कि गार्गी की कीमत 50 लाख रुपये तक लग चुकी है, लेकिन उसका मालिक परिवार उसे बेचने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है।
लाइव मॉनिटरिंग में बनाया रिकॉर्ड
जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित मोहम्मदपुर गांव के पूर्व जिला पंचायत सदस्य चौधरी विक्रम सिंह के यहां यह खास भैंस पाली गई है। हाल ही में उत्तर प्रदेश कृषि एवं पशुपालन संघ और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गांव पहुंची थी। टीम ने लाइव मॉनिटरिंग के जरिए गार्गी की दूध उत्पादन क्षमता की जांच की। जब परिणाम घोषित किए गए तो गार्गी ने 23 लीटर से ज्यादा दूध देकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। दूसरे नंबर की भैंस ने 21.700 लीटर और तीसरे स्थान की भैंस ने 21.200 लीटर दूध दिया। इस उपलब्धि पर टीम ने गार्गी और उसके मालिक परिवार को ट्रॉफी देकर सम्मानित भी किया।
विशाल कद-काठी की वजह से भी चर्चा में
करीब चार साल की गार्गी अपने विशाल आकार के कारण भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। परिवार के मुताबिक उसकी ऊंचाई लगभग साढ़े पांच फीट है। परिवार का कहना है कि उन्होंने आज तक इतनी बड़ी और ताकतवर भैंस नहीं देखी। भैंस मालिक शेखर चौहान ने बताया कि इस सफलता के पीछे उनके पिता विक्रम सिंह की करीब 15 साल की मेहनत छिपी है। उन्होंने हमेशा बेहतर नस्ल तैयार करने पर ध्यान दिया और बाहर से पशु खरीदने के बजाय अपनी ही नस्ल को विकसित किया।
हरियाणा के मशहूर भैंसे भीम से कराया गया था टीका
परिवार के अनुसार गार्गी का टीका हरियाणा के प्रसिद्ध मुर्रा भैंसे भीम से कराया गया था, जिससे इसकी नस्ल और ज्यादा मजबूत हुई। विक्रम सिंह ने बताया कि शुरुआत में उनकी साधारण भैंसें केवल 8 से 9 किलो दूध देती थीं, लेकिन लगातार ब्रीडिंग और देखभाल के जरिए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने बताया कि अब तक वह 100 से ज्यादा पशु प्रदर्शनियां देख चुके हैं, लेकिन गार्गी जैसी क्षमता और कद-काठी बहुत कम देखने को मिलती है। गार्गी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी कीमत 20 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक लग चुकी है। इसके बावजूद परिवार का कहना है कि गार्गी अब उनके परिवार की पहचान और सम्मान बन चुकी है, इसलिए उसे बेचने का सवाल ही नहीं उठता।
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