12 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की मंजूरी, पिता की गुहार पर आया बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 12 साल से कोमा में पड़े गाजियाबाद के हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लाइफ सपोर्ट हटाने का फैसला सुनाया।

Mar 11, 2026 - 10:13
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12 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की मंजूरी, पिता की गुहार पर आया बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसले में 12 साल से कोमा में पड़े एक युवक को पैसिव यूथेनेशिया यानी निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी। अदालत ने युवक का आर्टिफिशियल लाइफ सपोर्ट हटाने की मंजूरी दे दी है। यह मामला गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा से जुड़ा है, जो लंबे समय से कोमा की स्थिति में थे। उनके पिता ने बेटे की स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी और गरिमापूर्ण मृत्यु की अनुमति मांगी थी। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और सभी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया।

कोर्ट की बेंच ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
यह फैसला जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में जीवन और मृत्यु से जुड़े दार्शनिक विचारों का भी उल्लेख किया। जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि दार्शनिक हेनरी डेविड थोरो के शब्दों में ईश्वर मनुष्य से यह नहीं पूछता कि वह जीवन को स्वीकार करता है या नहीं, बल्कि उसे जीवन लेना ही पड़ता है। अदालत ने यह भी कहा कि विलियम शेक्सपीयर का प्रसिद्ध कथन “To be, or not to be” यानी जीना या न जीना भी इस विषय पर गहरी सोच को दर्शाता है।

12 साल से बिस्तर पर थे हरीश राणा
याचिका के अनुसार गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले हरीश राणा पिछले 12 साल से अधिक समय से कोमा की स्थिति में थे और बिस्तर पर ही जीवन गुजार रहे थे। इस दौरान उन्हें केवल तरल भोजन दिया जाता था और वे पूरी तरह से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर थे। परिवार ने अदालत को बताया कि इतने लंबे समय से उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है।

मेडिकल बोर्ड ने भी दी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अदालत की ओर से दो अलग-अलग मेडिकल बोर्ड बनाए गए थे। इन बोर्डों ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया कि हरीश राणा के ठीक होने की कोई संभावना नहीं है। मेडिकल विशेषज्ञों की इस राय के आधार पर अदालत ने पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी। यह फैसला 2018 में आए कॉमन कॉज मामले के फैसले के तहत गरिमापूर्ण मृत्यु के अधिकार को मान्यता देने का पहला न्यायिक क्रियान्वयन माना जा रहा है। इस फैसले के बाद हरीश राणा का लाइफ सपोर्ट हटाया जाएगा और उन्हें इच्छामृत्यु के तहत शांतिपूर्ण मृत्यु दी जाएगी।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।