'नेशन फर्स्ट से डोनेशन फर्स्ट तक...' प्रयागराज से अखिलेश का भाजपा पर बड़ा हमला, राम मंदिर से पेपर लीक तक घेरा
प्रयागराज में अखिलेश यादव ने राम मंदिर के कथित चढ़ावा विवाद, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और भाजपा पर तीखा हमला बोला। 'नेशन फर्स्ट' से 'डोनेशन फर्स्ट' तक की टिप्पणी के साथ कई बड़े आरोप लगाए। पढ़िए प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी कहानी और 5 बड़े ऐलान।
प्रयागराज पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भाजपा सरकार पर एक साथ कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। राम मंदिर के कथित चढ़ावा विवाद, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, आरक्षण और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को जोड़ते हुए उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि रामनगरी में हुए कथित "गोरखधंधे" को सबसे पहले समाजवादी पार्टी ने उजागर किया, जिसके बाद पूरे मामले पर चर्चा शुरू हुई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने कहा कि जो लोग कभी "नेशन फर्स्ट" की बात करते थे, अब उनके लिए "डोनेशन फर्स्ट" ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ हुआ है और भगवान राम के मंदिर को लेकर जिस तरह के सवाल सामने आए हैं, उसने करोड़ों श्रद्धालुओं को चिंतित किया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की राजनीति अब 4C पर चल रही है-चंदा, चोरी, चतुराई और चालाकी।
'धर्म की आड़ में गोरखधंधा नहीं होना चाहिए'
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी भी सनातन धर्म का सम्मान करती है और उसकी रक्षा चाहती है, लेकिन धर्म के नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता या गोरखधंधा स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि रामनगरी को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से जारी बुकलेट में उठाए गए सवालों का भाजपा अब तक जवाब नहीं दे सकी है। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद पर देश के कई समाचार माध्यम सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि इन चर्चाओं के बीच युवाओं से जुड़े पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे दब न जाएं।
पेपर लीक को बताया सबसे बड़ा संकट
सपा प्रमुख ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक का एक तय पैटर्न बन चुका है। उनके मुताबिक पहले भर्ती का विज्ञापन जारी होता है, फिर परीक्षा होती है, उसके बाद पेपर लीक हो जाता है, मामला अदालत पहुंचता है, विरोध करने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई होती है और अंत में भर्ती रद्द कर दी जाती है। उन्होंने दरोगा भर्ती, सिपाही भर्ती, आरओ-एआरओ, टीईटी, लेखपाल, नलकूप चालक और अन्य भर्ती परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र में होने वाली टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर भी सामने आई है।
आरक्षण और भर्ती को लेकर भी सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले ही पीडीए आरक्षण घोटाला ऑडिट जारी कर 22 भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जानकारी सार्वजनिक कर चुकी है, लेकिन सरकार ने किसी भी आरोप का जवाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकारों का लाभ ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है।
लखनऊ अग्निकांड का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने लखनऊ में हुए अग्निकांड का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि यदि पर्याप्त अग्निशमन संसाधन उपलब्ध होते तो इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि आग से अधिक लोगों की मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई।
सपा सरकार बनने पर किए ये बड़े वादे
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा। उन्होंने वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में राहत देने और परीक्षा केंद्रों को उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने का वादा किया। उन्होंने कहा कि महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद में परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी सीसीटीवी और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए की जाएगी, ताकि पेपर लीक और धांधली जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
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