25 साल से बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक अब खुद देंगे परीक्षा, UPTET-2026 देने वालों को मिलेगा विशेष अवकाश, UP के 1.86 लाख शिक्षकों को मिली बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख सेवारत शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। UPTET-2026 में शामिल होने वाले शिक्षकों को परीक्षा के दिन विशेष अवकाश मिलेगा। लेकिन इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के आदेश, नौकरी बचाने की चुनौती और प्रमोशन पर पड़े असर की पूरी कहानी क्या है?
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत करीब 1.86 लाख शिक्षकों के लिए सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने परीक्षा से पहले उनकी सबसे बड़ी व्यावहारिक परेशानी दूर कर दी है। UPTET-2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को अब परीक्षा वाले दिन विशेष अवकाश मिलेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया है। हालांकि यह राहत केवल छुट्टी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक ऐसी कहानी है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश, नौकरी पर मंडराता खतरा और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों का भविष्य जुड़ा हुआ है। दरअसल, इस बार UPTET केवल नए अभ्यर्थियों की परीक्षा नहीं है। बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी परीक्षा हॉल में बैठेंगे, जो पिछले दो से तीन दशकों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के लिए यह परीक्षा सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके करियर और नौकरी की सुरक्षा से जुड़ा सबसे अहम पड़ाव बन चुकी है।
सरकार ने जारी किया आदेश
विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली UPTET परीक्षा में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को उनकी परीक्षा की निर्धारित तिथि पर विशेष अवकाश दिया जाएगा। यानी जिस शिक्षक की परीक्षा जिस दिन होगी, उसे केवल उसी दिन का विशेष अवकाश मिलेगा। शासन ने इस आदेश के तत्काल पालन के निर्देश शिक्षा निदेशक (बेसिक), महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) और प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को दिए हैं, ताकि किसी शिक्षक को परीक्षा में शामिल होने में प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।
करीब 20 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
इस बार UPTET-2026 प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षाओं में शामिल है। परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार परीक्षा में कुल 19,94,661 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इनमें 17,67,180 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि 2,27,481 अभ्यर्थी दूसरे राज्यों से परीक्षा देने आ रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इनमें 1,85,791 सेवारत शिक्षक भी शामिल हैं, जबकि 18,08,870 नए अभ्यर्थी पहली बार शिक्षक बनने की उम्मीद लेकर परीक्षा देंगे।
25-30 साल पढ़ाने वाले शिक्षक भी अब परीक्षा देंगे
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा उन शिक्षकों को लेकर है, जो पिछले 25 से 30 वर्षों से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन अब उन्हें फिर से परीक्षा देनी पड़ रही है। प्रदेश में करीब 1.86 लाख ऐसे सेवारत शिक्षक हैं जिन्होंने अब तक TET पास नहीं किया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है, जो अगले पांच से छह वर्षों में सेवानिवृत्त भी होने वाले हैं। इसके बावजूद उन्हें अब नए अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा केंद्र में बैठकर TET पास करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदली तस्वीर
इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह हाल ही में आया सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। अदालत ने देशभर में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2027 तक हर हाल में TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही राज्यों को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कम से कम दो बार TET परीक्षा आयोजित की जाए, ताकि सभी शिक्षकों को परीक्षा पास करने का अवसर मिल सके। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक इस बार UPTET-2026 में शामिल हो रहे हैं।
शिक्षक संघ की मांग पर सरकार ने लिया फैसला
विशेष अवकाश देने का फैसला शिक्षक संगठनों की मांग के बाद सामने आया। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की थी कि परीक्षा देने वाले सेवारत शिक्षकों को अवकाश दिया जाए, ताकि वे बिना किसी प्रशासनिक दबाव के परीक्षा में शामिल हो सकें। सरकार की ओर से मांग स्वीकार किए जाने के बाद शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।
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