शादी से पहले बताने पड़ते हैं 7 परदादाओं के नाम, वरना रह जाएंगे कुंवारे! इस देश का अजीब नियम वायरल

कजाकिस्तान में शादी से पहले लड़का-लड़की को अपनी सात पीढ़ियों के पूर्वजों के नाम बताने होते हैं। इसका मकसद करीबी रिश्तेदारों में शादी रोकना और आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ रखना है।

Mar 11, 2026 - 09:35
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शादी से पहले बताने पड़ते हैं 7 परदादाओं के नाम, वरना रह जाएंगे कुंवारे! इस देश का अजीब नियम वायरल

दुनिया के अलग-अलग देशों में शादी से जुड़ी कई अनोखी परंपराएं देखने को मिलती हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर कजाकिस्तान की एक ऐसी ही परंपरा तेजी से वायरल हो रही है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि अगर किसी व्यक्ति को अपने दादा के पिता यानी सात पीढ़ियों तक के पूर्वजों के नाम याद नहीं हैं, तो वहां शादी करना मुश्किल हो सकता है। कजाकिस्तान में शादी की बातचीत शुरू करने से पहले लड़का और लड़की से उनके सातों पूर्वजों के नाम पूछे जाते हैं। इस परंपरा को ‘झेती अता’ कहा जाता है और इसका पालन आज भी कई जगहों पर किया जाता है।

सात पीढ़ियों की जानकारी क्यों है जरूरी
कजाकिस्तान में शादी तय करते समय कुंडली मिलाने की बजाय वंश की जानकारी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। यहां की परंपरा के अनुसार लड़का और लड़की को अपनी पिछली सात पीढ़ियों के पूर्वजों के नाम बताने होते हैं। अगर जांच के दौरान यह पता चलता है कि दोनों के परिवार में सातवीं पीढ़ी तक कोई कॉमन पूर्वज है, तो उन्हें भाई-बहन जैसा माना जाता है और शादी की अनुमति नहीं दी जाती। कजाख समाज का मानना है कि ऐसा करने से करीबी रिश्तेदारों में शादी होने से रोका जा सकता है।

परंपरा के पीछे वैज्ञानिक सोच
इस अनोखी परंपरा के पीछे एक खास मकसद भी बताया जाता है। समाज के लोग मानते हैं कि अगर करीबी रिश्तेदारों में शादी होती है, तो आने वाली पीढ़ियों में जेनेटिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सात पीढ़ियों तक वंश की जानकारी रखना जरूरी माना जाता है। इस तरह यह परंपरा आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ रखने की कोशिश भी मानी जाती है।

दुल्हन के अपहरण की भी है परंपरा
कजाकिस्तान में शादी से जुड़ी एक और दिलचस्प परंपरा भी प्रचलित है, जिसे अलाकाचू कहा जाता है। इसमें दुल्हन के अपहरण की रस्म निभाई जाती है। हालांकि अधिकतर मामलों में यह लड़की की सहमति से ही किया जाता है। कहा जाता है कि अगर किसी कपल के पास शादी का बड़ा खर्च उठाने के लिए पैसे नहीं होते, तो वे इस तरीके का सहारा लेते हैं।

दहेज लेने की जगह दूल्हा देता है पैसे
यहां शादी की एक और खास बात यह है कि दूल्हा दहेज लेने की बजाय दुल्हन के परिवार को पैसे या तोहफे देता है। इसे खलीम कहा जाता है। इसे दूल्हे की आर्थिक क्षमता और लड़की के परिवार के प्रति सम्मान के रूप में देखा जाता है। सोशल मीडिया पर जब इस अनोखी परंपरा की चर्चा हुई तो लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इसकी तुलना भारत के गुजरात की पुरानी परंपराओं से की, तो कुछ लोगों ने अरुणाचल प्रदेश के रीति-रिवाजों से समानता बताई। कई लोगों का कहना है कि परंपरा और विज्ञान का ऐसा मेल वास्तव में काफी दिलचस्प है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।