लखनऊ हादसे के बाद अलर्ट मोड पर प्रशासन, कासगंज में कोचिंग और लाइब्रेरी की हुई जांच, डीएम-एसपी ने खुद संभाली कमान
लखनऊ में कोचिंग संस्थान से जुड़ी घटना के बाद कासगंज प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। डीएम और एसपी ने खुद कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। जानिए फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर क्या मिला और प्रशासन ने क्या कहा...
लखनऊ में कोचिंग संस्थान से जुड़ी बड़ी घटना के बाद कासगंज जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। जिले भर में संचालित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का फोकस सिर्फ भवनों की स्थिति या फायर सेफ्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी है जो रोजाना इन संस्थानों में पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। जिले की तीनों तहसीलों में मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में फायर सर्विस, शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं, जो कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं।
डीएम और एसपी ने खुद किया निरीक्षण
विशेष अभियान के तहत जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने कासगंज शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थान डीपीआर क्लासेज और नगर पालिका परिसर में संचालित लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भवन की संरचना, आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छात्राओं से सीधे संवाद, सुरक्षा पर लिया फीडबैक
निरीक्षण की खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। विशेष रूप से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं से उनके आवागमन और सुरक्षा से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली गई। छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें रास्ते में किसी प्रकार की विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। इसके बावजूद अधिकारियों ने उन्हें जागरूक करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या सामने आती है तो तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अभिभावकों के भरोसे से जुड़ा है मामला
स्थानीय निवासी सुरेश यादव का कहना है कि प्रशासन का यह कदम स्वागत योग्य है। कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में हर दिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं। ऐसे में नियमित निरीक्षण से सुरक्षा व्यवस्थाएं मजबूत होंगी और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा। उनका कहना है कि पढ़ाई का माहौल तभी बेहतर बन सकता है जब छात्रों और उनके परिवारों को सुरक्षा को लेकर किसी तरह की चिंता न हो।
कमी मिलने पर होगी कार्रवाई: डीएम
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने कहा कि लखनऊ की घटना के बाद शासन के निर्देश पर जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी का निरीक्षण कराया जा रहा है। फायर सेफ्टी, सुरक्षा मानकों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी नियमों की अनदेखी या सुरक्षा संबंधी खामियां मिलेंगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा से समझौता न हो।
रिपोर्ट-: जुम्मन कुरैशी
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
