रामलला के दर्शन से पहले घिरे केजरीवाल, अयोध्या दौरे पर मचा बवाल, राष्ट्रपति से रोक लगाने की मांग
रामलला के दर्शन के लिए 26 जून को अयोध्या आने वाले अरविंद केजरीवाल का विरोध शुरू हो गया है। पांडा पुरोहित समाज और सनातन रक्षक संघ समेत कई संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई है। विरोध के पीछे पुराने बयानों से लेकर राम मंदिर से जुड़े विवादों तक कई वजहें गिनाई जा रही हैं। आखिर अयोध्या में केजरीवाल के दौरे को लेकर क्यों बढ़ रहा है विवाद और क्या है संगठनों की चेतावनी?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रस्तावित अयोध्या दौरे से पहले विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। 26 जून को केजरीवाल रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए अयोध्या पहुंचने वाले हैं, लेकिन उनके आगमन से पहले ही पांडा पुरोहित समाज, सनातन रक्षक संघ और अन्य संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है और यहां किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
केजरीवाल के दौरे का विरोध कर रहे संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन अयोध्या के क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने अतीत में भगवान राम, राम मंदिर और सनातन परंपराओं को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं। ऐसे में अब अयोध्या आकर दर्शन करने की उनकी मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
'आस्था के केंद्र को राजनीति का मंच न बनाया जाए'
पांडा पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजेश महाराज ने कहा कि अयोध्या किसी राजनीतिक दल या नेता की छवि सुधारने का मंच नहीं है। उनके अनुसार, भगवान राम करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र हैं और यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान का पात्र है, लेकिन धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनीतिक संदेश देने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या की गरिमा और धार्मिक वातावरण को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भी किया जिक्र
विरोध कर रहे संगठनों ने हाल के दिनों में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवादों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि ऐसे समय में राजनीतिक नेताओं के बयान और यात्राएं अनावश्यक बहस को जन्म दे सकती हैं। संगठनों का मानना है कि अयोध्या को राजनीतिक विवादों से दूर रखकर केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखा जाना चाहिए।
दौरे पर रोक लगाने की मांग
सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने प्रशासन से केजरीवाल के दौरे पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने यह भी आशंका जताई है कि विरोध और समर्थकों की मौजूदगी के चलते कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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