परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे... अमेरिका को ईरान का बड़ा संदेश, लेकिन रख दीं 3 बड़ी शर्तें
Iran Nuclear Deal: ईरान ने अमेरिका को परमाणु समझौते के लिए 14 सूत्रीय नया प्रस्ताव भेजा है। इसमें परमाणु हथियार न बनाने का भरोसा दिया गया है। होर्मुज, यूरेनियम और जब्त पैसों को लेकर दोनों देशों में मतभेद बने हुए हैं। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद तनाव और बढ़ गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा परमाणु विवाद एक बार फिर चर्चा में है। अब ईरान ने अमेरिका को 14 सूत्रीय नया प्रस्ताव भेजा है, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। मोहसिन नकवी पिछले दो दिनों से ईरान के दौरे पर थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव कतर के प्रधानमंत्री अल थानी की मध्यस्थता की कोशिशों के बाद भेजा गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने भी तनाव बढ़ा दिया है।
ईरान ने प्रस्ताव में क्या कहा?
तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अपने प्रस्ताव में साफ कहा है कि वह न तो अभी परमाणु हथियार बना रहा है और न ही भविष्य में ऐसा करना चाहता है। ईरान का कहना है कि वह बातचीत के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन किसी भी समझौते से पहले अमेरिका को भरोसा बहाल करना होगा। ईरान का आरोप है कि अमेरिका पहले किए गए समझौतों पर भरोसेमंद साबित नहीं हुआ। इसी वजह से तेहरान अब बिना गारंटी के किसी नए समझौते के लिए तैयार नहीं दिख रहा है।
पाकिस्तान और कतर की क्या रही भूमिका?
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान और कतर की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ईरान का संदेश लेकर गए हैं। वहीं कतर के प्रधानमंत्री अल थानी लगातार दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि अप्रैल में युद्ध जैसे हालात रुकने के बाद दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत तेज हुई थी।
सबसे बड़ा विवाद 440 किलो यूरेनियम पर
ईरान और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा विवाद संवर्धित यूरेनियम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान के पास मौजूद करीब 440 किलो संवर्धित यूरेनियम वाशिंगटन को सौंप दिया जाए। लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं है। उसका कहना है कि वह यूरेनियम को अपने देश में ही पतला करेगा। अमेरिका चाहता है कि वह दुनिया को दिखा सके कि उसने ईरान पर दबाव बनाकर बड़ी सफलता हासिल की है।
होर्मुज और जब्त पैसों पर भी टकराव
ईरान ने अपने प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी मांग रखी है। ईरान का कहना है कि होर्मुज उसके क्षेत्र का हिस्सा है और अमेरिका को इस पर तेहरान के नियंत्रण को मान्यता देनी चाहिए। ईरान चाहता है कि उसे यहां जहाजों से टोल वसूलने का अधिकार मिले। इसके अलावा ईरान ने यह भी कहा है कि दुनियाभर में जब्त उसके पैसों में से कम से कम 25 प्रतिशत राशि बातचीत के दौरान ही वापस की जाए। हालांकि अमेरिका इसके लिए तैयार नहीं है। अमेरिका का कहना है कि समझौता पूरा होने के बाद ही पैसे लौटाए जाएंगे।
ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव
ईरान का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अब धैर्य और समय खत्म होता जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप फिर से ईरान पर हमले के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। रविवार को ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत भी की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बेहद अहम होने वाली है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देश किसी नए समझौते तक पहुंच पाएंगे या फिर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ेगा।
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