डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 96 के पार, महंगे तेल और मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी टेंशन

Indian Rupee News: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया सोमवार को अपने सबसे निचले स्तर 96.23 पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बाजार में घबराहट बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर महंगाई, पेट्रोल-डीजल और आम आदमी के बजट पर पड़ सकता है।

May 18, 2026 - 09:33
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डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 96 के पार, महंगे तेल और मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी टेंशन

सोमवार (18 मई) को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर की लगातार मजबूती के बीच पहली बार एक डॉलर की कीमत 96.23 रुपये तक पहुंच गई। शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय डॉलर के मुकाबले रुपया 95.97 पर था, लेकिन सप्ताहांत के बाद बाजार खुलते ही रुपये में भारी गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर आने वाले दिनों में महंगाई और आम लोगों के मासिक खर्च पर भी देखने को मिल सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाया दबाव
रुपये की कमजोरी के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड ऑयल 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है। यह दुनिया में तेल सप्लाई का एक बड़ा समुद्री रास्ता माना जाता है। अगर यहां किसी तरह की रुकावट आती है तो पूरी दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश का आयात बिल भी तेजी से बढ़ता है।

अमेरिकी आर्थिक संकेतों का भी असर
सिर्फ महंगा तेल ही रुपये की गिरावट की वजह नहीं है, बल्कि अमेरिका से आ रहे आर्थिक संकेत भी भारतीय मुद्रा पर दबाव बना रहे हैं। अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.625 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसका मतलब है कि निवेशक अमेरिकी बॉन्ड्स में ज्यादा पैसा लगा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को डर है कि वैश्विक महंगाई लंबे समय तक बनी रह सकती है। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक आगे और सख्त आर्थिक नीतियां अपना सकता है। इसी वजह से विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे एशियाई मुद्राओं पर दबाव बढ़ रहा है।

RBI की नजर बाजार पर
मुद्रा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का मानना है कि RBI ने शुक्रवार को रुपये को 96 के पार जाने से रोकने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से बाजार में दखल भी दिया था। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि रिजर्व बैंक किसी एक स्तर को बचाने के बजाय केवल ज्यादा उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने की कोशिश करेगा। ऐसे में फिलहाल रुपये की गिरावट को पूरी तरह रोकना आसान नहीं दिख रहा है।

आम लोगों पर बढ़ सकती है महंगाई
कमजोर रुपया और महंगा कच्चा तेल सीधे तौर पर महंगाई को बढ़ा सकता है। जब भारत तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी और अन्य उत्पाद विदेशों से खरीदेगा तो पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो देश का चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है और राजकोषीय संतुलन पर भी असर पड़ सकता है। इसका असर ट्रांसपोर्टेशन लागत पर पड़ेगा, जिससे खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक महंगे हो सकते हैं।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।