31 मई की रात आसमान में दिखेगा दुर्लभ चमत्कार! एक साथ नजर आएंगे ब्लू मून और माइक्रो मून
Blue Moon 2026: 31 मई की जेष्ठ पूर्णिमा पर आसमान में दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस रात एक साथ ब्लू मून और माइक्रो मून दिखाई देंगे। जानिए इसका सही समय, खासियत और क्यों यह घटना ढाई साल बाद हो रही है।
इस महीने की आखिरी तारीख 31 मई को जेष्ठ पूर्णिमा पड़ रही है और इस दिन आसमान में एक बेहद खास और दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस रात लोग एक साथ ब्लू मून और माइक्रो मून का अद्भुत नजारा देख सकेंगे। यह घटना सुनने में थोड़ी अजीब लग सकती है क्योंकि आमतौर पर लोग ब्लू मून और माइक्रो मून को अलग-अलग घटनाओं के रूप में जानते हैं। लेकिन इस बार दोनों संयोग एक साथ बन रहे हैं। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह रात बेहद खास मानी जा रही है। खास बात यह है कि ऐसा दुर्लभ चंद्र संयोग लगभग ढाई साल में एक बार देखने को मिलता है।
कब से कब तक रहेगी पूर्णिमा तिथि
द्रिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 30 मई की सुबह 11 बजकर 57 मिनट से शुरू होगी और 31 मई दोपहर 2 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। उदिया तिथि के अनुसार पूर्णिमा 31 मई को मनाई जाएगी। इसी दिन लोग पूर्णिमा का व्रत भी रखेंगे। 31 मई की रात चांद अपने पूरे आकार में दिखाई देगा, लेकिन इस बार उसका रूप सामान्य पूर्णिमा से थोड़ा अलग होगा।
कैसा दिखाई देगा इस बार का चांद
इस बार पूर्णिमा का चांद थोड़ा छोटा और कम चमकीला नजर आएगा। इसी वजह से इसे “माइक्रो मून” कहा जा रहा है। साथ ही यह महीने की दूसरी पूर्णिमा भी होगी, इसलिए इसे “ब्लू मून” का नाम दिया गया है। हालांकि नाम में “ब्लू” शब्द होने के बावजूद चांद का रंग नीला नहीं होगा। चांद हमेशा की तरह सफेद या हल्का पीला ही दिखाई देगा और रात के आसमान को रोशन करेगा।
क्या होता है ब्लू मून
ब्लू मून का संबंध चांद के रंग से नहीं बल्कि कैलेंडर से जुड़ी खगोलीय घटना से है। जब एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा पड़ती है, तब दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है। मई महीने में पहली पूर्णिमा 1 मई को थी, जबकि दूसरी पूर्णिमा 31 मई को पड़ रही है। इसी कारण इसे ब्लू मून कहा जा रहा है। इससे पहले 19 अगस्त 2024 को दुनिया ने सुपर ब्लू मून का नजारा देखा था।
कब और कैसे देखें यह दुर्लभ नजारा
ब्लू मून को देखने का सबसे अच्छा समय 31 मई की सुबह 4 बजकर 45 मिनट बताया गया है। भारतीय समय के अनुसार चांद दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर दिखाई देगा। हालांकि इसे साफ तौर पर देखने का सबसे अच्छा मौका 30-31 मई और 31 मई से 1 जून की रात को मिलेगा। लोग अपने इलाके के अनुसार सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से पहले इस खूबसूरत नजारे को देख सकते हैं।
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