गर्मी में छाछ बन सकती है सेहत का प्राकृतिक टॉनिक, पाचन सुधारने से लेकर शरीर को ठंडक देने तक मिलते हैं कई फायदे
छाछ एक स्वास्थ्यवर्धक ग्रीष्मकालीन पेय है जो पाचन में सुधार करता है, शरीर को ठंडक पहुंचाता है और विटामिन बी12 और विटामिन डी जैसी पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में मदद करता है।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग अपने खान-पान में ऐसी चीजें शामिल करने लगते हैं जो शरीर को ठंडक दें और सेहत को बेहतर बनाए रखें। इन्हीं में से एक है छाछ यानी छाछ। इसे बनाना भी बहुत आसान है। दही में थोड़ा पानी मिलाकर हल्का सा मथ दिया जाए तो छाछ तैयार हो जाती है। यह सिर्फ स्वादिष्ट पेय ही नहीं बल्कि सेहत के लिए एक प्राकृतिक टॉनिक भी मानी जाती है। गर्मियों में छाछ पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और पाचन तंत्र को मजबूत रखने में भी मदद मिलती है। यही वजह है कि गांवों से लेकर शहरों तक लोग इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करते हैं।
पुदीना और मसालों के साथ और बढ़ जाते हैं फायदे
छाछ को और ज्यादा स्वादिष्ट और फायदेमंद बनाने के लिए इसमें कई तरह की चीजें मिलाई जा सकती हैं। अगर इसमें पुदीना यानी पुदीना मिलाया जाए तो पेट को ठंडक मिलती है और गर्मी में होने वाली ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या कम हो सकती है। इसके अलावा छाछ में धनिया की चटनी डालने से इसका स्वाद भी बढ़ जाता है और भूख भी खुलती है। कई लोग छाछ में भुना जीरा और काला नमक मिलाकर पीते हैं। ऐसा करने से गैस, सुस्ती और पेट की गड़बड़ी जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
आयुर्वेद में भी बताया गया है लाभकारी
भारतीय परंपरा में भी छाछ को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार छाछ का सेवन पाचन शक्ति को बेहतर बनाने और शरीर को ताकत देने में मदद कर सकता है। कुछ लोग छाछ को गुड़ के साथ भी पीते हैं। आयुर्वेद में इस तरीके को भी फायदेमंद बताया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि छाछ का सेवन करते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। गर्मियों में यह सिर्फ ठंडक देने वाला पेय नहीं रह जाता बल्कि शरीर में पानी की कमी और पाचन से जुड़ी समस्याओं को भी संतुलित करने में मदद करता है।
पोषण की कमी को दूर करने में भी सहायक
आजकल बहुत से लोगों के शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी देखी जाती है। खासकर विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी को लोग अक्सर मामूली कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय के साथ यह समस्या थकान, चक्कर आना, सुस्ती, ध्यान न लगना, मूड खराब रहना और याददाश्त कमजोर होने जैसी परेशानियों का कारण बन सकती है। ऐसे में दही और छाछ जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकते हैं।
रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना हो सकता है फायदेमंद
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति शाकाहारी है तो उसके लिए दही और छाछ का सेवन और भी जरूरी हो जाता है। हालांकि यह कोई जादुई इलाज नहीं है, लेकिन इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। बेहतर परिणाम के लिए छाछ का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर इसका असर सकारात्मक की बजाय नकारात्मक भी हो सकता है।
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