AC में गैस रिफिल करवाते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना खराब हो सकता है आपका एयर कंडीशनर
एसी में गैस भरवाने से पहले, रिसाव की मरम्मत, सही प्रकार की गैस, शुद्धता और उचित मात्रा की जांच कर लें। बेहतर कूलिंग के लिए विशेषज्ञ वैक्यूमिंग, नाइट्रोजन परीक्षण और एम्पीयर जांच की भी सलाह देते हैं।
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही घरों और दफ्तरों में Air Conditioner की सर्विसिंग का काम भी शुरू हो जाता है। कई बार लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण AC में गैस लीक हो जाती है, जिसकी वजह से गैस रिफिलिंग करानी पड़ती है। लेकिन गैस भरवाते समय अगर कुछ जरूरी बातों का ध्यान न रखा जाए तो महंगा AC भी खराब हो सकता है। इसलिए AC में गैस रिफिल करवाते समय कुछ जरूरी जांच और सावधानियां जरूर अपनानी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार गैस भरवाने से पहले लीकेज की मरम्मत, सही गैस का चुनाव, गैस की शुद्धता और सही मात्रा की जांच करना बेहद जरूरी है।
सही गैस का प्रकार जरूर जांचें
AC में गैस भरवाने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपका AC किस प्रकार की गैस पर काम करता है। यह जानकारी आमतौर पर AC की इंडोर या आउटडोर यूनिट पर लगे स्टिकर पर लिखी होती है। उदाहरण के तौर पर कई AC में R32 Refrigerant जैसी गैस का इस्तेमाल होता है। कई बार मैकेनिक काम जल्दी खत्म करने के लिए अलग प्रकार की गैस भर देते हैं, जिससे AC कुछ समय तक तो चल सकता है लेकिन बाद में बड़ी खराबी आ सकती है। इसलिए हमेशा वही गैस भरवाएं जिसे आपका AC सपोर्ट करता हो।
गैस की शुद्धता और सही मात्रा की जांच
गैस भरवाते समय उसकी शुद्धता भी जांचना जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा कैन में पैक होकर आने वाली गैस ही इस्तेमाल करें, क्योंकि वह शुद्ध होती है और उस पर गैस का प्रकार और वजन भी साफ लिखा होता है। कई बार कुछ मैकेनिक अपने निजी सिलेंडर में मिलावटी गैस लेकर आते हैं, जो AC के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसके साथ ही गैस की मात्रा भी सही होनी चाहिए। AC के स्टिकर पर यह लिखा होता है कि उसमें कितनी गैस भरी जानी चाहिए, जैसे R32 – 800 ग्राम। गैस भरने से पहले और बाद में कैन या सिलेंडर का वजन चेक करके यह पता लगाया जा सकता है कि AC में सही मात्रा में गैस भरी गई है या नहीं।
लीकेज की मरम्मत और जरूरी टेस्ट
AC में गैस तभी कम होती है जब कहीं लीकेज हो। इसलिए गैस भरने से पहले लीकेज की जगह की मरम्मत करवाना जरूरी है। इसके अलावा मैकेनिक से वैक्यूमिंग जरूर करवाएं। इस प्रक्रिया में वैक्यूम पंप की मदद से पाइपों के अंदर की हवा और नमी बाहर निकाली जाती है। अगर ऐसा न किया जाए तो AC का कंप्रेसर चोक हो सकता है। इसके बाद नाइट्रोजन टेस्टिंग भी जरूरी होती है। इसमें AC में नाइट्रोजन गैस भरकर प्रेशर चेक किया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि कहीं छोटी लीकेज बाकी तो नहीं है।
गैस भरने के बाद एम्पियर जांच जरूरी
गैस भरने के बाद मैकेनिक से क्लैंप मीटर से AC का एम्पियर जरूर चेक करवाना चाहिए। अगर एम्पियर रीडिंग तय सीमा से ज्यादा हो तो इसका मतलब है कि गैस ज्यादा भर दी गई है, जिससे कंप्रेसर खराब हो सकता है। वहीं अगर एम्पियर कम हो तो गैस कम भरी गई होगी और AC सही कूलिंग नहीं करेगा। इसलिए AC में गैस रिफिल करवाते समय इन सभी जरूरी जांचों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, ताकि आपका एयर कंडीशनर लंबे समय तक सही तरीके से काम करता रहे।
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