जहां BJP का दबदबा, वहीं सबसे ज्यादा कटे वोट… नोएडा से लखनऊ तक चौंकाने वाले आंकड़े

UP SIR Voter List Update: उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीजेपी प्रभाव वाले जिलों में सबसे ज्यादा नाम कटे हैं, जबकि मुस्लिम बहुल जिलों में कमी कम रही। इस बदलाव ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

Apr 11, 2026 - 10:14
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जहां BJP का दबदबा, वहीं सबसे ज्यादा कटे वोट… नोएडा से लखनऊ तक चौंकाने वाले आंकड़े

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद एक बड़ा बदलाव सामने आया है। इस प्रक्रिया के बाद राज्य के कई जिलों में मतदाताओं की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि बीजेपी के मजबूत प्रभाव वाले जिलों में मतदाताओं के नाम सबसे ज्यादा हटाए गए हैं, जबकि मुस्लिम बहुल जिलों में यह गिरावट अपेक्षाकृत कम रही है। इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले चुनावी समीकरणों पर इसके असर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बीजेपी गढ़ वाले जिलों में सबसे ज्यादा गिरावट
आंकड़ों के अनुसार लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, मेरठ और कानपुर नगर जैसे जिलों में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। यहां 18.75 प्रतिशत से लेकर 22.89 प्रतिशत तक नाम काटे गए हैं। ये सभी जिले 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं, जहां पार्टी ने अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज की थी। लोकसभा चुनाव के लिहाज से भी ये क्षेत्र बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

कुछ विधानसभा सीटों पर भी बड़ा असर
रिपोर्ट के अनुसार राज्य की पांच विधानसभा सीटों पर सबसे ज्यादा नाम काटे गए हैं, और ये सभी सीटें बीजेपी के विधायकों के पास हैं। इनमें साहिबाबाद, नोएडा, लखनऊ उत्तर, आगरा कैंट और इलाहाबाद नॉर्थ शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य सीटों पर भी मतदाता संख्या में बड़ी गिरावट देखी गई है, जिससे राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।

मुस्लिम बहुल जिलों में कम गिरावट
दूसरी ओर मुस्लिम बहुल जिलों में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही है। संभल में 14.47%, रामपुर में 12.33%, मुरादाबाद में 10.09%, बिजनौर में 9.63%, सहारनपुर में 10.48% और मुजफ्फरनगर में 10.38% वोट कम हुए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि शहरी और बीजेपी प्रभाव वाले क्षेत्रों में गिरावट ज्यादा रही, जबकि मिश्रित आबादी वाले जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रही।

आंकड़ों के आधार पर विधानसभा में बड़ा फर्क
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 16 सीटों पर एक लाख से ज्यादा वोट कटे हैं, जिनमें 15 सीटें बीजेपी के पास हैं। 21 सीटों पर 80 से 99 हजार वोट घटे, जिनमें 19 बीजेपी की हैं। 82 सीटों पर 50 से 80 हजार वोट कम हुए, जिनमें 55 बीजेपी+ की सीटें हैं। वहीं 159 सीटों पर 30 से 50 हजार वोटों की गिरावट दर्ज की गई, जिनमें 95 बीजेपी के पास हैं।

चुनाव आयोग का बयान और अपील की प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया है। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति निर्णय से असंतुष्ट है तो वह 15 दिनों के भीतर जिला अधिकारी के पास अपील कर सकता है। इसके बाद भी असंतुष्ट होने पर 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील की जा सकती है।

मतदाता संख्या में वृद्धि भी दर्ज
SIR-2026 प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची में राज्य में 84 लाख से अधिक मतदाताओं की वृद्धि हुई है, जिससे कुल संख्या 13.39 करोड़ हो गई है। यह प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चली, जिसमें सभी 75 जिलों और 403 विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया था।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।