जिसने AK-47 को खिलौना, ग्रेनेड को बताया परफ्यूम… उसी आतंकी आकिब ने रची बड़ी साजिश, अब दरोगा-CO हुए सस्पेंड
Uttar Pradesh News: यूपी एटीएस ने लखनऊ में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया। जांच में बिजनौर पुलिस की लापरवाही सामने आई, जिसने पहले इसी नेटवर्क को क्लीन चिट दी थी। अब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है और बड़े नेटवर्क का खुलासा हो रहा है।
Bijnor News: उत्तर प्रदेश में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। यूपी एटीएस ने लखनऊ को दहलाने की योजना को फेल करते हुए राज्य को एक बड़े रेल हादसे से बचा लिया। लेकिन इस सफलता के बीच पुलिस तंत्र की एक गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। बिजनौर पुलिस ने जिस आतंकी नेटवर्क को पिछले साल क्लीन चिट देकर केस बंद कर दिया था, उसी गैंग के लोग अब लखनऊ में सिग्नल सिस्टम ठप कर धमाका करने की तैयारी में थे। इस मामले में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में नांगल सोती थानाध्यक्ष सतेंद्र मलिक को सस्पेंड कर दिया गया है और सीओ नितेश प्रताप सिंह को पद से हटा दिया गया है।
चार संदिग्ध गिरफ्तार, बड़ा हमला करने की थी योजना
यूपी एटीएस ने मेरठ और गौतमबुद्धनगर से जुड़े चार संदिग्धों साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित को लखनऊ से गिरफ्तार किया। ये सभी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने और सिग्नलिंग सिस्टम को फेल कर बड़ी रेल दुर्घटना कराने की फिराक में थे।
दुबई से चल रहा था पूरा नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरे ऑपरेशन का मास्टरमाइंड मेरठ का आकिब खान है, जो दुबई में बैठा है। वही इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए इन युवकों को पाकिस्तान के हैंडलर्स से जोड़ रहा था। हैरानी की बात यह है कि कुछ महीने पहले बिजनौर पुलिस ने इसी आकिब को निर्दोष मानकर छोड़ दिया था।
वीडियो कॉल और सेटिंग ने बढ़ाई खतरे की जड़
नवंबर 2025 में एक वीडियो कॉल सामने आया था, जिसमें आकिब खान AK-47 और हैंड ग्रेनेड दिखाता नजर आया। इस पर बिजनौर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन जांच के दौरान आरोप है कि थानाध्यक्ष ने आरोपियों से सेटिंग कर ली। रिपोर्ट में लिखा गया कि हथियार असली नहीं, बल्कि खिलौना और परफ्यूम की बोतल हैं। इसी आधार पर केस बंद कर दिया गया।
पहले भी कर चुका था सांप्रदायिक घटना
जांच में यह भी सामने आया कि इसी नेटवर्क से जुड़े अबूजर शमीम राईन ने 4 मार्च को बिजनौर में एक वाहन को आग लगाकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की थी। उसने इसका वीडियो पाकिस्तान भेजा, जिसके बदले उसे सिर्फ 5 हजार रुपये मिले थे।
एटीएस की जांच और पुलिस पर कार्रवाई
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि वही वीडियो कॉल इस पूरे नेटवर्क को जोड़ने में अहम साबित हुआ। इसके आधार पर साकिब की पहचान हुई। जैसे ही मामला सामने आया, बिजनौर एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष को सस्पेंड और सीओ को हटा दिया।
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