सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर गरमाई सियासत, सीएम योगी की चेतावनी पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले - बीजेपी सबसे अधर्मी पार्टी
उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि जगह कम होगी तो लोग सड़क पर नमाज पढ़ेंगे। उन्होंने भाजपा पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप भी लगाया। जानिए पूरा मामला...
उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर कहीं जगह कम है और लोग सड़क पर नमाज पढ़ रहे हैं, तो इसमें दिक्कत क्या है? इसके लिए व्यवस्था और नियम बनाए जा सकते हैं, लेकिन इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना ठीक नहीं है। लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे विवाद खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पर क्या होना चाहिए और क्या नहीं, इसके लिए पहले से नियम बने हुए हैं। जरूरत है उन्हें सही तरीके से लागू करने की, न कि इस पर राजनीति करने की।
‘सबसे अधर्मी पार्टी अगर कोई है, तो BJP है’
अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि धर्म और सनातन की राजनीति करने वाली पार्टी खुद सबसे ज्यादा अधर्म की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा खुद को सनातनी पार्टी बताती है, तो उसे वसुधैव कुटुंबकम की भावना पर भी चलना चाहिए। समाजवादी पार्टी हमेशा सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने की बात करती है।
‘सड़कें चौड़ी करो, मुद्दे मत भटकाओ’
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि सड़कें चौड़ी हों और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बने। अगर कहीं मस्जिद या ईदगाह में जगह कम पड़ती है, तो लोग मजबूरी में सड़क का इस्तेमाल करते हैं। इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाना सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठाती है ताकि बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं जैसे असली सवालों से लोगों का ध्यान हटाया जा सके। अखिलेश यादव ने कहा कि बहस जनता के मुद्दों पर होनी चाहिए, लेकिन भाजपा हर बार चर्चा को दूसरी दिशा में ले जाती है।
अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज का भी उठाया मुद्दा
अखिलेश यादव ने हाल ही में हुए अधिवक्ता संघ के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे वकीलों के हाथ में रामचरितमानस थी, फिर भी उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाजपा खुद को सनातन की बात करने वाली पार्टी बताती है, तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग क्यों किया गया?
योगी के बयान के बाद बढ़ी सियासत
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि सड़कें आम लोगों के आने-जाने के लिए हैं। अगर संख्या ज्यादा है, तो लोग शिफ्ट में नमाज पढ़ें। योगी ने यह भी कहा था कि अगर लोग प्यार से नहीं मानेंगे, तो सरकार दूसरा तरीका अपनाएगी। उनके इस बयान के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है।
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