लखनऊ में निजी स्कूलों के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, फीस और किताबों पर उठी आवाज
लखनऊ में छात्रों ने निजी स्कूलों की ऊंची फीस और महंगी किताबों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और फीस नियंत्रण विधेयक को लागू करने की मांग की।
लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर राष्ट्रीय छात्र पंचायत के बैनर तले छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और महंगी किताबों के खिलाफ किया गया। बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने किया। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
छात्रों का जोरदार विरोध प्रदर्शन
राष्ट्रीय छात्र पंचायत के नेतृत्व में छात्रों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई। बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और “शिक्षा का व्यापार बंद करो” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया। हजरतगंज का इलाका छात्रों के नारों से गूंज उठा और माहौल काफी गरम हो गया।
पोस्टर और नारों से दिया बड़ा संदेश
प्रदर्शन के दौरान छात्र अपने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे थे। इन पोस्टरों पर “भविष्य बेचना बंद करो” और “फीस के बोझ से बचपन मत कुचलो” जैसे संदेश लिखे थे। इसके अलावा “अनपढ़ नेता खुशहाल है, शिक्षा का बुरा हाल है” जैसे नारे भी लगाए गए, जिससे छात्रों की नाराजगी साफ दिखाई दी।
फीस रेगुलेशन और किताबों पर उठी मांग
छात्रों ने सरकार से मांग की कि फीस रेगुलेशन बिल को तुरंत लागू किया जाए ताकि निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लग सके। इसके साथ ही महंगी किताबों के सिंडिकेट को खत्म करने की भी मांग की गई। छात्रों का कहना है कि लगातार बढ़ती फीस और किताबों के दाम से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
सुरक्षा के बीच जारी रहा प्रदर्शन
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा और छात्रों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
(रिपोर्टः संदीप शुक्ला, लखनऊ)
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