बिजली संकट को लेकर एक्शन मोड में सीएम योगी, बोले - लापरवाही हुई तो होगा एक्शन, ऊर्जा मंत्री को फील्ड में उतरने का दिया आदेश

भीषण गर्मी के बीच यूपी में बिजली कटौती लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई जिलों में प्रदर्शन और नाराजगी के बीच CM योगी ने ऊर्जा मंत्री AK शर्मा को फील्ड में उतरने का निर्देश दिया है। बिजली सप्लाई, स्मार्ट मीटर, बढ़ती खपत और अफसरों की जवाबदेही को लेकर सरकार ने क्या बड़ा प्लान बनाया? जानिए आखिर क्यों बिजली संकट अब सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है।

May 24, 2026 - 17:46
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बिजली संकट को लेकर एक्शन मोड में सीएम योगी, बोले - लापरवाही हुई तो होगा एक्शन, ऊर्जा मंत्री को फील्ड में उतरने का दिया आदेश

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कई जिलों में बिजली कटौती से लोगों की नाराजगी सड़कों तक पहुंच चुकी है। ऐसे हालात के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बिजली सप्लाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगर कहीं चूक मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी। रविवार को मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और प्रदेश के सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने गांव से लेकर शहर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। 

सिर्फ शिकायत दर्ज नहीं, समाधान की समयसीमा भी बतानी होगी
सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। अगर कहीं बिजली बाधित होती है तो उपभोक्ताओं को यह भी बताया जाए कि समस्या कब तक ठीक होगी। लोगों को समय पर सही जानकारी देना जरूरी है, इससे भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने बिलिंग व्यवस्था पर भी फोकस किया। कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिजली बिल मिलना चाहिए। बिलिंग और वसूली प्रणाली को और पारदर्शी और बेहतर बनाने की जरूरत है।

गर्मी में बिजली व्यवस्था पर खास नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क की क्षमता मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि गर्मी के मौसम में तकनीकी बाधाओं को कम करने की दिशा में काम किया जाए और ट्रांसमिशन सिस्टम की लगातार निगरानी हो। उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बंद होने या शिकायत निस्तारण में देरी जैसे मामलों में लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी। सीएम ने कहा कि आंधी-तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए।

स्मार्ट मीटर को लेकर भी सरकार का फोकस
बैठक में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को भी लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर आम लोगों के लिए आसान और उपयोगी होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तकनीक आधारित और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। अफसरों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। साथ ही सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर को दोबारा पोस्टपेड सिस्टम में बदल दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर महीने 1 से 10 तारीख के बीच बिल जारी किए जाएंगे। एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के जरिए भी बिल भेजने की व्यवस्था लागू की जा रही है।

गर्मी बढ़ी, बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल और मई के दौरान प्रदेश में बिजली खपत तेजी से बढ़ी है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच रोजाना औसत बिजली खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई। इसी अवधि में अधिकतम बिजली मांग 29,831 मेगावाट से बढ़कर 30,339 मेगावाट दर्ज की गई। 20, 21 और 22 मई को उत्तर प्रदेश देश का दूसरा सबसे ज्यादा बिजली खपत वाला राज्य रहा।

कई जिलों में कटौती से लोगों का फूटा गुस्सा
प्रदेश के कई जिलों में बिजली संकट को लेकर लोगों की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। लखनऊ में देर रात बिजली कटौती से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए। फैजुल्लागंज की श्याम विहार कॉलोनी में प्रदर्शन हुआ। बीकेटी क्षेत्र में बिजली उपकेंद्रों के बाहर पुलिस तक तैनात करनी पड़ी। वाराणसी में बिजली कटौती से परेशान एक युवक बिस्तर लेकर पावर हाउस पहुंच गया और वहीं सोने की जिद पर अड़ गया। कानपुर में समाजवादी पार्टी नेताओं ने बिजली व्यवस्था के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने स्वर्गीय बिजली व्यवस्था लिखे पोस्टर पर फूल चढ़ाकर मोमबत्ती जलाकर विरोध जताया।

बिजली विभाग में कार्रवाई भी शुरू
बिजली संकट के बीच सरकार ने जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम भी उठाए हैं। गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता राहुल और मेरठ के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार को सस्पेंड किया गया है। सीएम योगी ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को खुद फील्ड में उतरकर कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

बिजली पर सियासत भी तेज
बिजली संकट को लेकर सियासत भी गर्म है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए बिजली संकट के लिए सरकार और बिजली विभाग की नीतियों को जिम्मेदार बताया। इसके जवाब में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विस्तृत जवाब देते हुए विपक्ष के आरोपों का पलटवार किया। फिलहाल, भीषण गर्मी के बीच बिजली सप्लाई सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा बनी हुई है। अब देखने वाली बात होगी कि सख्त निर्देशों के बाद हालात कितनी तेजी से बदलते हैं।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content