‘बंदर’ रिव्यू: बॉबी देओल का अब तक का सबसे अलग अवतार, अनुराग कश्यप की फिल्म दिखाती है समाज का कड़वा सच
अनुराग कश्यप की फिल्म ‘बंदर’ में बॉबी देओल ने सुपरस्टार समर मेहरा का दमदार किरदार निभाया है। फिल्म मर्दानगी, सत्ता, न्याय व्यवस्था और समाज की कड़वी सच्चाइयों को दिखाती है। जानिए फिल्म की कहानी, अभिनय और समीक्षा।
अनुराग कश्यप की फिल्मों की पहचान हमेशा समाज की उन सच्चाइयों को सामने लाने से रही है, जिन पर अक्सर लोग बात करने से बचते हैं। उनकी नई फिल्म ‘बंदर’ भी इसी सोच को आगे बढ़ाती है। इस बार उनके साथ मुख्य भूमिका में बॉबी देओल नजर आ रहे हैं। फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यह कोई हल्की-फुल्की मनोरंजन वाली फिल्म नहीं है, बल्कि इंसानी व्यवहार, सत्ता, मर्दानगी और न्याय व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल उठाती है। फिल्म में भावनाएं, सस्पेंस और सामाजिक संदेश तीनों का मिश्रण देखने को मिलता है।
एक सुपरस्टार की गिरती दुनिया की कहानी
फिल्म की कहानी समर मेहरा (बॉबी देओल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कभी बड़ा फिल्म स्टार हुआ करता था। उसका लोकप्रिय गाना “कम ऑन बेबी दिल किसको देगी” आज भी लोगों को याद है। लेकिन समर आज भी अपनी पुरानी सफलता और शोहरत में जी रहा है। उम्र बढ़ने के बावजूद उसकी सोच और व्यवहार में परिपक्वता नहीं दिखाई देती। समर शारीरिक रूप से भी परेशान है। उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर समस्या है और वह हमेशा बैक ब्रेस पहनकर रहता है। इसी बीच उसकी जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आता है, जब उस पर यौन उत्पीड़न और बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगते हैं। इसके बाद कहानी कई अप्रत्याशित मोड़ लेती है और दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।
निर्देशन और कहानी की सबसे बड़ी ताकत
फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा व्यावसायिक सिनेमा जैसा महसूस होता है, लेकिन आगे बढ़ने के साथ अनुराग कश्यप अपनी पहचान वाले अंदाज में लौट आते हैं। जेल के दृश्यों, वहां की गंदगी और व्यवस्था को बेहद वास्तविक तरीके से दिखाया गया है। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या किसी आरोपी के साथ अमानवीय व्यवहार उचित है, चाहे उस पर कितना भी गंभीर आरोप क्यों न हो। हालांकि फिल्म का क्लाइमैक्स कुछ दर्शकों को थोड़ा कमजोर लग सकता है। अंत में दिखाए गए कुछ आंकड़े कहानी के संतुलित दृष्टिकोण को थोड़ा प्रभावित करते हैं।
बॉबी देओल और महिला कलाकारों ने जीता दिल
फिल्म पूरी तरह बॉबी देओल के कंधों पर टिकी हुई है और उन्होंने अपने अभिनय से प्रभावित किया है। समर के जटिल किरदार को उन्होंने बेहद प्रभावशाली तरीके से निभाया है। कभी वह दर्शकों की सहानुभूति बटोरते हैं तो कभी उनकी हरकतों पर गुस्सा आता है। फिल्म में सान्या मल्होत्रा ने समर की बहन सुहानी के किरदार में शानदार अभिनय किया है। वहीं सबा आजाद और सपना पब्बी ने भी अपने-अपने किरदारों को मजबूती से निभाया है। सभी कलाकार कहानी को विश्वसनीय बनाने में सफल रहे हैं।
देखें या नहीं?
‘बंदर’ कोई पारिवारिक मनोरंजन वाली फिल्म नहीं है। यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है और कई असहज सवाल सामने रखती है। अगर आप अनुराग कश्यप की गंभीर और यथार्थवादी फिल्मों को पसंद करते हैं और बॉबी देओल का बिल्कुल नया रूप देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और इंसानी सोच पर गहरी टिप्पणी भी है।
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