अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ी हलचल... 16 अप्रैल को दूसरी बैठक संभव, तुर्किये या जेनेवा में हो सकती है अहम बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बावजूद 16 अप्रैल को दूसरी बैठक की संभावना है। तुर्किये या जेनेवा में वार्ता हो सकती है। इस्लामाबाद बैठक के बाद कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं। दोनों देश युद्धविराम बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं। बातचीत में धीरे-धीरे सकारात्मक प्रगति दिख रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अभी भी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना बन रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान के बीच 16 अप्रैल को दूसरी उच्च स्तरीय बैठक हो सकती है। इस बैठक के स्थान को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि यह तुर्किये या जेनेवा में हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संभावित बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे क्षेत्रीय तनाव कम होने की उम्मीद है।
युद्धविराम से पहले नई बैठक की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी युद्धविराम की समयसीमा खत्म होने से पहले ईरान के साथ एक और बैठक करने पर विचार कर रहे हैं। सीएनएन को एक सूत्र ने बताया कि बैठक की तारीख और स्थान को अंतिम रूप देने पर चर्चा जारी है। यह पूरी प्रक्रिया ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों के साथ चल रही बातचीत की प्रगति पर निर्भर करेगी। अधिकारियों ने इसे शुरुआती स्तर की बातचीत बताया है और कहा है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत बैठक आयोजित करने की तैयारी रखी जा रही है।
इस्लामाबाद बैठक से बढ़ी उम्मीदें
11 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक लंबी बैठक हुई थी, जिसे कई हफ्तों की कूटनीतिक कोशिशों का परिणाम माना जा रहा है। इस बैठक में पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र और ओमान जैसे देशों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। इन देशों के प्रयासों से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है। इसे एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जिनेवा, वियना और इस्तांबुल पर भी चर्चा
एक क्षेत्रीय सूत्र के अनुसार बातचीत का एक और दौर संभव है और तुर्किये दोनों पक्षों के बीच मतभेद कम करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पहले वार्ता के लिए जिनेवा, वियना और इस्तांबुल जैसे शहरों पर विचार किया गया था। अब एक बार फिर जिनेवा और इस्लामाबाद को संभावित स्थानों की सूची में शामिल किया जा रहा है। इससे यह साफ है कि बातचीत को लेकर कई विकल्प खुले रखे गए हैं।
अमेरिकी प्रशासन को सावधानी भरी उम्मीद
अमेरिकी प्रशासन को अभी भी उम्मीद है कि कूटनीतिक स्तर पर कोई सकारात्मक नतीजा निकल सकता है। यदि बातचीत में प्रगति होती है तो युद्धविराम की समयसीमा को बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। इससे दोनों देशों को समझौते तक पहुंचने के लिए अधिक समय मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार, वार्ता में सकारात्मक प्रगति होने पर युद्धविराम बढ़ाने की संभावना मजबूत हो जाएगी।
ट्रंप का दावा और जारी बातचीत
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने हाल ही में अमेरिका से संपर्क किया है और वह समझौते के लिए उत्सुक है। एक अमेरिकी अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और समझौते की दिशा में धीरे-धीरे प्रगति हो रही है। यह संकेत देता है कि तनाव के बीच भी संवाद की खिड़की अभी बंद नहीं हुई है।
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