राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में जांच तेज, जेल में बंद 8 आरोपियों के घरों पर पुलिस की एक साथ छापेमारी, टीनू यादव समेत कई आरोपियों के घर जड़ा था ताला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जेल में बंद 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। कई घरों पर ताले मिले, जबकि जांच टीमों ने संपत्ति के दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और परिजनों से पूछताछ की। जानिए जांच अब किस दिशा में बढ़ रही है और अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रविवार सुबह अयोध्या पुलिस ने जेल में बंद आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह करीब सात बजे पुलिस की आठ अलग-अलग टीमें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और आरोपियों के घरों की तलाशी ली। इस दौरान परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई, जबकि कई जगहों से संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी जुटाए गए।
तीन आरोपियों के घर बंद मिले
छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर ताला लगा मिला। कुछ देर बाद उसकी मां मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद पुलिस ने घर की तलाशी ली। टिन्नू के भतीजे और सह-आरोपी मनीष यादव के घर पर भी ताला लगा था। वहीं आरोपी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के घर पर भी कोई मौजूद नहीं मिला। पुलिस ने इन घरों के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर आरोपियों के परिवार और हाल की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई।
संपत्ति और बैंक खातों की हो रही जांच
आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर पर पुलिस की कार्रवाई सबसे ज्यादा देर तक चली। जांच टीम ने घर से संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए गए। इस कार्रवाई में पुलिस के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी और लेखपाल भी शामिल रहे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों ने हाल के समय में कोई नई संपत्ति खरीदी या संदिग्ध आर्थिक लेन-देन किया है।
SIT रिपोर्ट के बाद बढ़ी कार्रवाई
चढ़ावा चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी। रिपोर्ट मिलने के दो दिन बाद, 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर के आधार पर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। 26 जून को सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
ट्रस्ट में भी हुआ बदलाव
मामले की जांच के बीच शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की। इसके बाद इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
अब आर्थिक पहलुओं पर जांच का फोकस
रविवार की छापेमारी से साफ है कि जांच एजेंसियां अब मामले के आर्थिक पहलुओं पर भी फोकस कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों की संपत्तियों, बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन का इस मामले से कोई संबंध है या नहीं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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