8वें वेतन आयोग से पहले बड़ी मांग, न्यूनतम सैलरी 18 हजार से बढ़ाकर 69 हजार करने का प्रस्ताव

एनसी-जेसीएम ने आठवें वेतन आयोग में पारिवारिक खर्चों के आधार पर 3.83 के फिटमेंट फैक्टर के साथ न्यूनतम मूल वेतन को बढ़ाकर 69000 करने की मांग की है।

Apr 16, 2026 - 12:07
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8वें वेतन आयोग से पहले बड़ी मांग, न्यूनतम सैलरी 18 हजार से बढ़ाकर 69 हजार करने का प्रस्ताव

सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इसी बीच नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने अपनी मांगों का कॉमन मेमोरेंडम पेश कर दिया है। इस मेमोरेंडम में सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की है। यह करीब 3.83 गुना बढ़ोतरी होगी। अगर यह मांग मान ली जाती है तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा फायदा मिल सकता है।

फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग
कमेटी ने सैलरी बढ़ाने के लिए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर मांगा है। फिटमेंट फैक्टर वही संख्या होती है जिससे मौजूदा सैलरी और पेंशन को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में यह कम था, लेकिन अब इसे बढ़ाने की मांग की जा रही है ताकि कर्मचारियों की आय में बड़ा इजाफा हो सके।

ICMR के आंकड़ों पर आधारित तर्क
कमेटी ने अपनी मांग के पीछे दो अहम कारण बताए हैं। पहला, Indian Council of Medical Research के अनुसार, एक मेहनत करने वाले व्यक्ति को हर महीने लगभग 3,490 किलो कैलोरी ऊर्जा की जरूरत होती है। इसी आधार पर खाने-पीने का खर्च तय किया गया है। दूसरा, 7वें वेतन आयोग में जहां 3 सदस्यों के परिवार को आधार माना गया था, वहीं अब 8वें वेतन आयोग के लिए 5 सदस्यों का परिवार माना गया है, जिससे खर्च का अनुमान ज्यादा सही हो सके।

मासिक खर्च का पूरा गणित समझें
कमेटी ने जनवरी 2026 के हिसाब से एक परिवार का न्यूनतम खर्च भी बताया है। खाने-पीने की चीजों जैसे चावल, दाल, सब्जियां, फल, दूध, तेल, मांस और अंडे पर करीब 24,443 रुपये खर्च आता है। अन्य खाद्य पदार्थ जोड़ने पर यह खर्च लगभग 26,887 रुपये हो जाता है। कपड़े और सिलाई का खर्च जोड़ने पर यह राशि बढ़कर करीब 32,577 रुपये पहुंच जाती है।

इसके बाद मकान का किराया 7.5 प्रतिशत जोड़ने पर कुल खर्च लगभग 35,020 रुपये हो जाता है। बिजली, पानी और ईंधन जैसे खर्चों को जोड़ने पर यह राशि 42,000 रुपये से ज्यादा हो जाती है। अंत में शिक्षा, सामाजिक जरूरतें, त्योहार, मनोरंजन और तकनीक से जुड़े खर्च जोड़ने पर कुल मासिक खर्च लगभग 68,947 रुपये आंका गया है।

69 हजार सैलरी की संभावना क्यों
कमेटी का कहना है कि अगर सरकार इस खर्च को आधार मानती है, तो न्यूनतम सैलरी को 69,000 रुपये तक बढ़ाना जरूरी हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की जीवनशैली और खर्च के बीच संतुलन बन सकेगा।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।