काशी में सनातन साइंस का चमत्कार… इसके सामने स्मार्ट वॉच भी फेल, वैदिक घड़ी बताएगी 30 मुहूर्तों का सटीक समय

Uttar Pradesh News: काशी विश्वनाथ धाम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है, जो ब्रह्म मुहूर्त से समय बताती है। यह घड़ी वैदिक कालगणना, पंचांग, ग्रह स्थिति और भारतीय समय प्रणाली को एक साथ दिखाती है। इससे युवाओं को भारतीय परंपरा और वैज्ञानिक समय ज्ञान समझने में मदद मिलेगी।

Apr 6, 2026 - 10:49
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काशी में सनातन साइंस का चमत्कार… इसके सामने स्मार्ट वॉच भी फेल, वैदिक घड़ी बताएगी 30 मुहूर्तों का सटीक समय

Varanasi News: प्राचीन नगरी काशी ने एक बार फिर भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया है। बाबा विश्वनाथ के आंगन में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ने रविवार को ब्रह्म मुहूर्त से समय बताना शुरू कर दिया। यह घड़ी भारतीय कालगणना पर आधारित है और इसे विश्व की दूसरी वैदिक घड़ी माना जा रहा है। इससे पहले उज्जैन में ऐसी घड़ी स्थापित की गई थी। सनातन विज्ञान की मिसाल मानी जा रही यह घड़ी आधुनिक स्मार्ट वॉच को भी चुनौती देती नजर आ रही है, क्योंकि यह बेहद सटीक और पारंपरिक तरीके से समय की गणना करती है।

मुख्यमंत्री ने भेंट की घड़ी, मंदिर चौक में हुई स्थापना
तीन अप्रैल को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह घड़ी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की थी। इसके बाद इसे काशी विश्वनाथ धाम के मंदिर चौक में स्थापित किया गया। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने इसकी जानकारी दी और बताया कि यह घड़ी पूरी तरह वैदिक गणना पर आधारित है।

सूर्योदय के अनुसार चलेगी समय गणना
इस घड़ी की खास बात यह है कि यह सूर्योदय के आधार पर काम करती है। जिस स्थान पर सूर्योदय का समय होगा, उसी के अनुसार वहां की कालगणना तय होगी। भारतीय स्टैंडर्ड टाइम को भी इसी प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे पारंपरिक और आधुनिक समय का संतुलन बना रहेगा।

एक ही घड़ी में मिलेंगी कई जानकारियां
इस वैदिक घड़ी के जरिए वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टैंडर्ड टाइम, पंचांग, विक्रम संवत, ग्रहों और चंद्रमा की स्थिति, भद्रा आदि की जानकारी एक साथ मिलेगी। इसके रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी न्यास परिषद संभालेगा। साथ ही इसका एक मोबाइल ऐप भी बनाया गया है, जिससे लोग कहीं भी इसकी जानकारी देख सकेंगे।

विद्वानों का मार्गदर्शन, युवाओं को मिलेगा ज्ञान
काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि इस घड़ी के निर्माण में काशी के विद्वानों का मार्गदर्शन रहा है। इससे युवाओं को भारतीय समय चक्र और पारंपरिक गणना प्रणाली को समझने का मौका मिलेगा और सनातन परंपरा का प्रचार-प्रसार भी होगा।

वैदिक घड़ी की खास संरचना और ऐप की सुविधा
इस घड़ी में एक दिन को 30 मुहूर्त में बांटा गया है, जहां हर मुहूर्त करीब 48 मिनट का होता है। एक दिन में 900 कला और 27,000 काष्ठा होती हैं। इसके ऐप में 5800 वर्षों तक का पंचांग, मुहूर्त अलार्म, मौसम की जानकारी और 180 से अधिक भाषाओं का विकल्प भी दिया गया है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।