अस्पताल में बच्चा चोर का शोर, जांच में खुला राज… नवजात के कान में युवक सुना रहा था अजान
मुरादाबाद के सरकारी महिला अस्पताल में बच्चा चोरी की अफवाह का मामला पुलिस जांच में गलतफहमी निकला। जिस युवक को बच्चा चोर समझकर पकड़ा गया था, वह नवजात बच्ची के कान में मां की सहमति से अजान पढ़ रहा था। पुलिस ने जांच के बाद किसी भी आपराधिक साजिश से इनकार किया है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सरकारी महिला चिकित्सालय से सामने आया बच्चा चोरी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। शुरुआत में अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि सर्जिकल वार्ड से एक अज्ञात युवक नवजात बच्ची को चुराने की कोशिश कर रहा था। आरोप था कि युवक को परिजनों और सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पकड़ लिया था। इस खबर के सामने आते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और सोशल मीडिया पर भी बच्चा चोरी की चर्चा तेज हो गई। लेकिन अब थाना सिविल लाइन्स पुलिस की जांच में यह मामला पूरी तरह गलतफहमी निकला है।
पुलिस जांच में नहीं मिला बच्चा चोरी का कोई सबूत
मुरादाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि अस्पताल में बच्चा चोरी जैसी कोई घटना हुई ही नहीं थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि जिस युवक को बच्चा चोर समझा गया था, वह नवजात बच्ची के पास धार्मिक परंपरा निभाने के लिए गया था। पुलिस के मुताबिक युवक नवजात बच्ची की मां की मौजूदगी और सहमति से उसके कान में अजान पढ़ रहा था। लेकिन अस्पताल में मौजूद दूसरे तीमारदारों और लोगों को युवक पर शक हो गया, जिसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया।
सुरक्षाकर्मियों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
अस्पताल परिसर में अजनबी युवक को देखकर लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने युवक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। थाना सिविल लाइन्स पुलिस युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की और युवक से सख्ती से पूछताछ की। जांच के दौरान बच्चा चोरी या किसी आपराधिक साजिश से जुड़ा कोई भी सबूत नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि युवक का मकसद बच्ची को नुकसान पहुंचाना या उसे ले जाना नहीं था।
स्कूटी की नंबर प्लेट ढकी होने से बढ़ा शक
पुलिस के अनुसार अस्पताल प्रशासन और तीमारदारों का शक इसलिए भी बढ़ गया था क्योंकि युवक की स्कूटी की नंबर प्लेट ढकी हुई थी। इसी वजह से वहां मौजूद लोगों को मामला संदिग्ध लगा और अफवाह तेजी से फैल गई। थाना सिविल लाइन्स पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच के बाद स्पष्ट किया कि यह पूरा मामला गलतफहमी का था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास करने से पहले सही जानकारी जरूर लें, ताकि बेवजह डर और भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
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