घर में मां सरस्वती की मूर्ति रखने से बढ़ता है ज्ञान और सकारात्मकता, जानिए सही दिशा और नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में देवी सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने की सही दिशा और मुद्रा जानें। ऐसा माना जाता है कि उचित स्थान पर रखने से ज्ञान, सकारात्मकता और पढ़ाई में सफलता मिलती है।

Mar 7, 2026 - 09:22
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घर में मां सरस्वती की मूर्ति रखने से बढ़ता है ज्ञान और सकारात्मकता, जानिए सही दिशा और नियम

हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान, बुद्धि, कला और विद्या की देवी माना जाता है। इसलिए बहुत से लोग अपने घर में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करते हैं और नियमित रूप से उनकी पूजा करते हैं। खासकर छात्र, शिक्षक और कला से जुड़े लोग पढ़ाई और करियर में सफलता के लिए मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि मां सरस्वती की मूर्ति सही दिशा और उचित मुद्रा में रखी जाए तो इसका सकारात्मक प्रभाव घर के वातावरण और व्यक्ति के जीवन पर पड़ सकता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ने की मान्यता भी बताई जाती है।

पूर्व दिशा मानी जाती है सबसे शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मां सरस्वती की मूर्ति रखने के लिए पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। पूर्व दिशा को उगते सूर्य की दिशा कहा जाता है, जो नई शुरुआत, ऊर्जा और ज्ञान का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिशा में मूर्ति स्थापित करने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है। साथ ही पढ़ाई, शिक्षा और बौद्धिक कार्यों में ध्यान लगाने में भी मदद मिल सकती है।

उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण भी है उत्तम
पूर्व दिशा के अलावा उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण भी कहा जाता है, मूर्ति स्थापना के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में मां सरस्वती की मूर्ति रखने से ज्ञान, समृद्धि और नए अवसरों का मार्ग खुल सकता है। यह दिशा घर में आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए कई लोग अपने घर के मंदिर में इसी दिशा में देवी की प्रतिमा स्थापित करते हैं।

उत्तर दिशा में रखने से भी बढ़ती है सकारात्मकता
घर की उत्तर दिशा में भी मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिशा में मूर्ति रखने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसके साथ ही घर का वातावरण शांत और संतुलित बना रहता है। कई लोगों का मानना है कि इससे पढ़ाई और करियर से जुड़े प्रयासों में भी लाभ मिल सकता है।

मूर्ति की मुद्रा और स्वरूप का भी रखें ध्यान
मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करते समय उसकी मुद्रा और स्वरूप पर भी ध्यान देना जरूरी माना जाता है। आमतौर पर मां सरस्वती की मूर्ति कमल के फूल पर बैठी हुई होना शुभ मानी जाती है। यह मुद्रा ज्ञान, एकाग्रता और बुद्धिमत्ता का प्रतीक मानी जाती है। साथ ही मूर्ति के चेहरे पर प्रसन्नता का भाव होना चाहिए, क्योंकि सकारात्मक भाव वाली प्रतिमा घर में अच्छी ऊर्जा के संचार से जुड़ी मानी जाती है।

वीणा और पुस्तक वाली मूर्ति मानी जाती है शुभ
मां सरस्वती की मूर्ति में उनके हाथों में वीणा होना संगीत, कला और रचनात्मकता का प्रतीक माना जाता है। वहीं अन्य हाथों में पुस्तक या शास्त्र का होना शिक्षा और ज्ञान के महत्व को दर्शाता है। ऐसी प्रतिमा को घर में स्थापित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पढ़ाई, कला और बौद्धिक गतिविधियों में प्रगति हो सकती है और घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।