मणिपुर में उग्रवादियों का द एंड शुरू… केंद्र का मिशन 2029 तैयार, नक्सल इलाकों से बुलाए गए खूंखार कोबरा कमांडो
North East Militancy: केंद्र सरकार ने 2029 तक पूर्वोत्तर से उग्रवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है। मणिपुर से इस अभियान की शुरुआत होगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षा बलों को यहां भेजा जाएगा। कोबरा कमांडो तैनात होंगे और नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सुरक्षा मजबूत होगी।
Manipur Violence Update: केंद्र सरकार ने देश से वामपंथी उग्रवाद (LWE) को खत्म करने के बाद अब पूर्वोत्तर भारत से भी उग्रवाद को जड़ से मिटाने की बड़ी योजना बनाई है। इस मिशन के तहत 2029 तक का लक्ष्य तय किया गया है। खास बात यह है कि इस योजना का पहला फोकस मणिपुर राज्य होगा, जो पिछले तीन साल से जातीय हिंसा से जूझ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों को अब पूर्वोत्तर राज्यों में भेजने की तैयारी कर रही है, ताकि वहां सक्रिय उग्रवादी संगठनों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
मणिपुर से होगी मिशन की शुरुआत
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बड़े अभियान की शुरुआत मणिपुर से की जाएगी। मणिपुर में उग्रवाद और जातीय हिंसा की स्थिति अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा गंभीर मानी जा रही है। पिछले तीन सालों से यहां लगातार तनाव बना हुआ है, जिसमें उग्रवादी संगठनों की भूमिका भी बताई जाती है।
सुरक्षा बलों की तैनाती का पूरा प्लान
रिपोर्ट के मुताबिक, जो केंद्रीय सुरक्षा बल अब तक नक्सल और माओवादी क्षेत्रों में तैनात थे, उन्हें धीरे-धीरे मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में भेजा जाएगा। हालांकि यह प्रक्रिया अचानक नहीं होगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। पंडित अमित वर्मा जैसे सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूर्वोत्तर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
चुनाव और अमरनाथ यात्रा के बाद होगा बदलाव
बताया गया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती पश्चिम बंगाल चुनाव और अमरनाथ यात्रा के बाद शुरू होगी। 29 अप्रैल को बंगाल में दूसरे चरण का मतदान है, जबकि जुलाई-अगस्त में अमरनाथ यात्रा होगी। इसके बाद 2026 के मध्य से फोर्स को पूर्वोत्तर में शिफ्ट किया जा सकता है।
कोबरा कमांडो फोर्स संभालेगी मोर्चा
इस अभियान की शुरुआत सीआरपीएफ की कोबरा (CoBRA) यूनिट से होगी। यह फोर्स खास तौर पर माओवाद से निपटने के लिए बनाई गई है और गुरिल्ला युद्ध में प्रशिक्षित होती है। इनकी तैनाती उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में काफी असरदार मानी जाती है।
16 उग्रवादी संगठन सक्रिय, विदेश से भी कनेक्शन
पूर्वोत्तर भारत में कुल 16 उग्रवादी संगठन सक्रिय बताए जाते हैं। इनमें सबसे ज्यादा 8 संगठन मणिपुर में हैं। इसके अलावा असम में 3, मेघालय और त्रिपुरा में 2-2 और नगालैंड में 1 संगठन सक्रिय है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन संगठनों के तार विदेशों से भी जुड़े हुए हैं, जहां से उन्हें हथियार और अन्य मदद मिलती है।
नई तकनीक और सुरक्षा उपकरण भी पहुंचाए गए
मणिपुर में नई एंटी-माइंस व्हीकल की पहली खेप भी पहुंच चुकी है। इनका उपयोग संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इससे सुरक्षा बलों को ऑपरेशन में मदद मिलेगी और जोखिम कम होगा।
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